अंतरिक्ष शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए राज्य विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को अंतरिक्ष पाठ्यक्रम संचालित करने का निर्देश पिछले साल दिया था। इसके बावजूद जिले के एक भी कॉलेज में यह संचालित नहीं हो रहा है। लापरवाही पर विश्वविद्यालय ने नाराजगी जताते हुए नए सत्र 2023-24 में अंतरिक्ष पाठ्यक्रम संचालन का आदेश दिया है।
चंद्रयान-3 और आदित्य एल-1 की सफलता के बाद अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति न सिर्फ लोगों का रुझान बढ़ा है, बल्कि विद्यार्थियों इसमें कॉरियर बनाने को काफी उत्साहित हैं। बावजूद इसके कॉलेजों की ओर से अंतरिक्ष पाठ्यक्रम संचालित नहीं किए जा रहे हैं। जबकि राज्य विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष ही इसके लिए पत्र जारी किया था। विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए कॉलेजों को फिर से पत्र जारी किया है।