प्रतापगढ़। गुरुवार रात से शुरू हुआ कोहरा शुक्रवार सुबह चादर की तरह तन गया। शीतलहर की दस्तक के साथ ही दो महिलाओं की मौत हो गई। पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए और पारा लुढ़क गया। तीन-चार दिन पहले न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास तक पहुंचा था, लेकिन दिन में धूप निकलने के कारण लोगों को ठंड का अहसास नहीं हुआ। शुक्रवार सुबह कोहरे की चादर तन जाने से सौ मीटर दूर देखना मुश्किल हो रहा था।
सनई अनुसंधान केंद्र के मुताबिक शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12.4 और अधिकतम 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शीतलहर के कारण लोगों को परेशानी बढ़ गई। कोहरे के कारण शहर की सड़कें सुबह सूनी दिखीं और दुकानें भी देर से खुलीं। दिन में भी सूर्य न निकलने देने के कारण सर्द हवाआें ने गलन का अहसास करा दिया। पूरे दिन ठंड का कहर झेलने वाले लोगों को शाम होते ही कोहरे से रूबरू होना पड़ा। शाम को 4 बजते ही आसमान में धुंध दिखने लगी और कुछ ही देर में कोहरा पूरी तरह से छा गया। इससे सड़कों पर वाहन रेंगने लगे।
सुवंसा प्रतिनिधि के अनुसार फतनपुर थाना क्षेत्र के सुरवामिश्रपुर गांव में गुरुवार रात ठंड की चपेट में इसराजी देवी (60) और दयावती (50) की मौत हो गई। गांव में दो महिलाआें की अचानक मौत से कोहराम मच गया।