कुक्कुट इकाइयों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) तैयार करने की कार्य योजना बनाई गई है। सीएनजी तैयार होने के बाद निजी कंपनियां भंडारण करेंगी। सीएनजी कुक्कुट इकाई संचालकों की आमदनी का जरिया भी बनेगी।
विकासखंड सांगीपुर स्थित नारायण शहबारी में 10 हजार यूनिट की कुक्कुट इकाई का संचालन हो रहा है। वहीं, पट्टी के दरछुट पट्टी में भी दस हजार यूनिट की कुक्कुट इकाई लगी है। दोनों इकाइयों की स्थापना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
वहीं, विकासखंड लक्ष्मणपुर के शाहपुर में दस हजार यूनिट इकाई की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 50 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। निर्माण कार्य पर 2.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पशुपालन विभाग कुक्कुट इकाइयों से निकलने वाले बीट (मल) को शुद्ध करके बायो गैस तैयार करेगा। बायो गैस को बड़े कंटेनर में रखकर सीएनजी तैयार की जाएगी।
निजी कंपनियां हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, रिलायंस आदि केंद्र सरकार से एग्रीमेंट प्राप्त कर कुक्कुट इकाइयों में सीएनजी का भंडारण करेंगी। सीएनजी भंडारण के लिए कंपनियों की ओर से सिलिंडर लगाए जाएंगे।
सीवीओ डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि कुक्कुट इकाइयों में सीएनजी तैयार करने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही कार्य योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। कहा कि इकाइयों से निकलने वाली खाद (पोल्ट्री खाद) एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उर्वरक है। इस खाद को कार्बनिक पदार्थों के साथ मिलाकर कंपोस्ट भी तैयार किया जाएगा। एक इकाई से करीब प्रतिदिन 2.37 टन खाद तैयार होगी।