मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी का बुधवार को जिले में असर नहीं दिखा। आवारा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए सीएम ने बुधवार तक की मोहलत दी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आवारा मवेशी शहर से लेकर गांव तक धमाचौकड़ी करते रहे। फसल बर्बाद करने के साथ लोगों को घायल भी किया। यह हाल तब रहा जब विशेष सचिव जिले में गो संरक्षण केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
कोहड़ौर टाउन एरिया गो संरक्षण केंद्र में जानवरों को धूप में देखकर विशेष सचिव राजस्व राम केवल ने ईओ स्वतंत्र प्रताप सिंह और पशु चिकित्सा अधिकारी प्रमोद यादव को फटकार लगाई। चारा मशीन खराब होने पर पूछा कि जानवरों को हरा चारा कैसे मिलता है। मवेशियों को गर्मी से बचाने के लिए टीनशेड लगाने व चारा मशीन दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। पूरबपट्टी और चंद्रभानपुर के गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं पर को दुरुस्त करने को कहा। निरीक्षण कर लौटते समय रास्ते में आवारा मवेशी नजर आए। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि आवारा पशु हर हाल में गो संरक्षण केंद्र भेजा जाए। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ, बीएस यादव मौजूद रहे।
महेशगंज थाने के करीब आवारा मवेशियों का झुंड बैठा रहा। वहीं शहर में आवारा मवेशी चौराहों व सड़कों पर भ्रमण कर दुकानदारों के सामान पर झपट्टा मारते रहे। अपर जिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा ने कहा कि नगर निकाय व पशु विभाग को आवारा मवेशियों को संरक्षित करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।