प्रतापगढ़ में मां बेल्हा देवी का दर्शन पूजन करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : संवाद।
सीएम के जाते ही पुलिसकर्मी भी निकले, एक घंटे लगा रहा जाम
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होते ही सुरक्षा व यातायात व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी भी निकलने लगे। जिससे जीआईसी से लेकर चौक घंटाघर, राजापाल चौराहा, लोक निर्माण विभाग, स्टेशन रोड, सदर बाजार से लेकर चिलबिला तक करीब एक घंटे तक जाम लग गया। जिन वाहनों को पार्किंग स्थल पर खड़ा किया गया था। वहां तक लोग पैदल ही पहुंचे। वहीं, कुछ जगहों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए एआरटीओ डॉ. दिलीप गुप्ता, प्रभारी यातायात सत्येंद्र सिंह की टीम लगी रही।
प्रतापगढ़ में जनसभा को संबोधित करते सीएम योगी आादित्यनाथ।
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काले कपड़े, पानी की बोतल व लंच पैकेट बाहर ही रखवाया
राजकीय इंटर कॉलेज में सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा में शामिल होने वालों को सुरक्षाकर्मियों की जांच के बीच भीतर प्रवेश मिल सका। महिला व पुरुषों की सघन तलाशी ली जाती रही। काले कपड़े पहने लोगों को बाहर कर दिया गया। महिलाओं का काला स्कार्फ, काली पॉलीथिन, पानी की बोतल, लंच पैकेट तक बाहर ही रखवा दिए गए। जनसभा के बाद बाहर लौटी भीड़ अपना सामान खोजने लगी, जो नहीं मिला। सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों ने पानी से अपनी प्यास बुझाई। जनसभा स्थल पर पहुंची महिलाओं की भीड़ की जांच करने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रतापगढ़ में जनसभा को संबोधित करते सीएम योगी आादित्यनाथ।
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सताई भूख व प्यास, उमस भरी गर्मी नहीं हुई बर्दाश्त
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में कुंडा, पट्टी, लालगंज, रानीगंज तहसील से आई महिलाओं को भूख व प्यास सताती रही। उमस भरी गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई तो वे बाहर निकल आईं। जनसभा में आने का उन्हें मलाल भी रहा।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पट्टी से आईं सुमित्रा ने बताया कि सुबह नाश्ता दे दिया। अब पांच घंटे तक कैसे भूखे रहा जाता। प्यास भी लगी है। जो साथ लेकर आए वे कहीं मिल नहीं रहे। उन्हें नहीं मालूम था कि इस जनसभा से कोई फायदा नहीं होगा। चंद्रिकन से आए राजाराम वर्मा ने कहा कि सीएम की जनसभा के बजाय रैली की जानकारी देकर लाया गया। इतना समय लगेगा यह पता नहीं था। सुबह से आएं हैं। अब भूख लग गई है। इनके पड़ोस से आई चमेला देवी भी भूख व प्यास से बेहाल नजर आईं। उनके पास तो पैसा भी नहीं था कि वह कुछ बाहर से लेकर खा लें।
पट्टी विकास खंड से आईं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सीएम के आने से पहले अपने घर जाने लगीं। कविता, सीमा समेत कई महिलाओं ने कहा कि बैठने की जगह नहीं मिली। सुबह से एक पैकेट बिस्कुट खाने को मिला है। दिन भर कैसे रह सकती हैं। यदि पहले से पता होता तो खाने का प्रबंध कर आते। सीएम की जनसभा समाप्त होने के पहले ही बहुत सी महिलाएं जनसभा स्थल से निकलने लगीं। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाबुझाकर बैठाया।