प्रतापगढ़। बेटियों की शादी के सामूहिक आयोजन कराने के लिए शासन ने तिजोरी खोल दी है। ब्लाकों और टाउन एरिया में सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराने और अधिक-अधिक परिवारों को लाभान्वित करने को कहा है। जिले को पहली किस्त के रूप में 51 लाख रुपये मिले हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम का आयोजन कराने की जिम्मेदारी इस वर्ष सभी ब्लाकों और टाउन एरिया को सौंपी जाएगी। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण काल के चलते जिले को बजट कम मिलने से अधिकांश परिवारों को बेटी के हाथ पीले करने के लिए योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। जिले के अधिकांश ब्लाकों में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन ही नहीं किया गया, इससे आवेदन करने वाले परिवारों को मायूस होना पड़ा था। मगर इस वर्ष शासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी ब्लाकों और टाउन एरिया में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन करके अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ देने को कहा गया है।
चालू वित्तीय वर्ष में पहली किस्त के रूप में जिले को 51,00000 रुपये का बजट मिला है। इस बजट से एक सौ बेटियों के हाथ पीले होंगे। मगर शासन ने सामूहिक विवाह में प्रतिभाग करने वाले परिवारों से आवेदन लेकर मांगपत्र भेजने को कहा है। सामूहिक विवाह में प्रति शादी 51,000 रुपये खर्च आता है। इसमें 35,000 रुपये लाभार्थी के खाते में भेजे जाते हैं, जबकि दस हजार रुपये में पायल, बिछिया सहित अन्य सामान दिए जाते हैं। जबकि छह हजार रुपये खान-पान और स्वागत समारोह में खर्च करने के लिए दिए जाते हैं।
टाउन एरिया सामूहिक विवाह कराने में फिसड्डी
जिले के ब्लाकों में सामूहिक विवाह का आयोजन तो होता है, मगर नगरीय क्षेत्र के टाउन एरिया इस तरह के कार्यक्रमों से बचना चाहते हैं। जिले में अभी तक नगरपालिका परिषद को छोड़ दिया जाय, तो टाउन एरिया ने एक भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम नहीं कराया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने के लिए सभी टाउन एरिया और ब्लाकों में शादियां कराने को कहा गया है। पहली किस्त के रूप में 51 लाख रुपये मिले हैं। उपभोग होने पर दूसरी किस्त मिलेगी।
राजीव कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी