प्रतापगढ़। शहर के गोयल रेजीडेंसी होटल में लगी आग से दस लोगों की मौत के बाद लाजों, होटलों में जांच के लिए छापेमारी जारी है। कई दिन से नगर के होटलों, प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंगहोम, क्लीनिक व लॉजों में जांच व छापेमारी चल रही है। शुक्रवार को रोडवेज बस अड्डे के समीप स्थित प्रतिष्ठानों में अफसरों ने जांच की। इस दौरान एक लॉज के कमरे में युवक संग पकड़ी गई महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। महिला थाना पुलिस के मुताबिक पकड़ी गई महिला व युवक के परिजनों को बुलाया गया।
गोयल रेजीडेंसी होटल में लगी आग के बाद प्रशासन के साथ सरकार भी गंभीर हो गई है। बताते हैं कि सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्क न रहने के कारण अफसरों को शासन से फटकार मिली है। इसी का नतीजा है कि शहर के एक-एक प्रतिष्ठानों की गहनता से जांच कई दिनों से चल रही है। जांच टीम में शामिल सदर एसडीएम, नगर पालिका के अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, स्वास्थ्य अफसर, बिजली विभाग के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अफसर रोडवेज बस अड्डे के आगे राजगंगा नर्सिंगहोम पहुंचे। अधिकारियों ने यहां मरीजों के वार्ड से लेकर भवन निर्माण के पास नक्शे सहित अन्य तमाम चीजों की पड़ताल की।
वहां की स्थिति देखने के बाद अधिकारियों का काफिला रोडवेज बस अड्डे के पास बाईं तरफ गली में स्थित अक्षत क्लीनिक पर पहुंचा। यहां भी अधिकारियों ने भवन निर्माण का नक्शा, फायर सुरक्षा के इंतजाम, क्लीनिक के लाइसेंस आदि की जांच की। नर्सिंगहोम व क्लीनिक में मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्निशन यंत्रों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। अफसरों ने बताया कि दोनों जगह नक्शे से थोड़ा बहुत हटकर भवन बनवाया गया है। इसके लिए उन्हें नोटिस दिया गया है। यहां के बाद अधिकारी पास में संचालित आर्शीवाद लॉज में पहुंचे। हर कमरे की गहन जांच हुई। इस बीच एक कमरे में एक युवक और युवती मिले।
दोनों से अफसरों ने पूछताछ की। दोनों खुद को जीजा-साली होने की बात कहते रहे। अधिकारियों ने बताया कि युवती सुल्तानपुर व युवक पृथ्वीगंज का है। युवती को महिला थाने के हवाले कर दिया गया, जबकि युवक को सिविल लाइंस चौकी पर पुलिस ने बैठा लिया। महिला थाने की एसओ दुुर्गावती यादव ने बताया कि दोनों बालिग हैं और रिश्ते बता रहे हैं। इसलिए उनके घर वालों को बुलाया गया है। उनके आने पर ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। परिजनों के आने तक युवती को थाने में रखा जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि प्रतिष्ठान संचालकों को चाहिए कि वे खुद से अपने कागजात की जांच करा लें। ऐसे में अधिकारियों को उनके यहां जांच के लिए जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनके कागजात भी दुरुस्त हो जाएंगे। लेकिन विभिन्न प्रतिष्ठानों के संचालक ऐसा नहीं कर रहे हैं। जब टीम व्यवस्थाओं की जांच करने पहुंचती है तो उन्हें काफी बुरा लगता है। ऐसे में यदि वह ये चाहते हैं कि अधिकारी जांच करने उनके यहां न जाएं तो वे अपने कागजात ले आकर जांच करा लें। आवश्यकता समझने पर एक दो अधिकारी मौका मुआयना कर आवश्यक सुधार का निर्देश
एक क्लीनिक, एक नर्सिंगहोम सहित लॉज में टीम के साथ जांच की गई। लॉज में एक युवक व युवती मिले। उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया है। दोनों के बारे में जब तक पूरी तरह जांच नहीं हो जाती, हम कुछ नहीं कह सकते।
जेपी मिश्र, एसडीएम, सदर