31 मार्च को एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी को गोली मारकर 22 लाख रुपये की हुई लूट के मामले में आरटीओ ने एक लिपिक को सस्पेंड कर दिया। इसकी जांच इलाहाबाद के एक अधिकारी को सौंपी दी है। उसके स्थान पर कौशांबी में तैनात लिपिक को कमान दी गई है। उधर, गुरुवार की रात एसओजी ने लूट के मामले में पूछताछ करने के लिए रानीगंज के एक युवक को हिरासत में लिया है।
महुली स्थित एआरटीओ कार्यालय परिसर में 31 मार्च की शाम को बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश स्वीपर रज्जन प्रसाद को गोली मारकर 22 लाख रुपये लूट ले गए थे। साथ मौजूद कैशियर धर्मप्रकाश तिवारी बाल-बाल बच गया था। घटना के बाद से ही पुलिस विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से लूट की वारदात को अंजाम देने की बात मान रही है। हलांकि एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।
आरटीओ इलाहाबाद ने इसकी जांच कराई तो एआरटीओ कार्यालय के लिपिक धर्मप्रकाश तिवारी को मामले में संदिग्ध पाया गया। इस पर आरटीओ ने तत्काल प्रभाव से धर्मप्रकाश को सस्पेंड कर दिया। उनके स्थान पर विवाद के मामले में चर्चित लिपिक उमेश मिश्र को कौशांबी से हटाकर प्रतापगढ़ में तैनात किया गया है। धर्मप्रकाश के सस्पेंड होने की खबर विभाग में पहुंची तो हड़कंप मच गया। एआरटीओ ने बताया कि आरटीओ स्तर से कार्रवाई हुई है। इलाहाबाद की टीम जांच कर रही है। उधर, एसओजी ने रानीगंज के एक मोबाइल सिम विक्रेता को गुरुवार की रात हिरासत में ले लिया। उससे लूट के मामले में पूछताछ की जा रही है।