जिले में उमस और गर्मी ने विभाग के निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों की हवा निकाल दी है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है। शहरी क्षेत्र में ट्रिपिंग तो ग्रामीण अंचल के उपकेंद्रों से उपभोक्ताओं को तय शेड्यूल से चार से पांच घंटे कम बिजली मिल रही है।
कटौती और जर्जर तारों में फाल्ट होने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। शासन ने जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का निर्देश दिया है, लेकिन जिले में विभाग तय शेड्यूल का पालन नहीं करा पा रहा है। जबकि कागजों पर बिजली व्यवस्था सरपट दौड़ रही है।
शहर के दहिलामऊ, बाबागंज, कादीपुर व रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में ट्रिपिंग की समस्या के चलते बिजली की आवाजाही उपभोक्ताओं की मुश्किल बढ़ा रही है। रानीगंज, कुंडा व लालगंज विद्युत वितरण खंड़ों के उपकेंद्रों से ग्रामीण अंचल में आठ से 10 घंटे की कटौती हो रही है। रोस्टर के मुताबिक दो से तीन बार कटौती के अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। दिन व रात में बिजली गुल होने से उपभोक्ता गर्मी में परेशान हैं।
उमस के चलते उपभोक्तओं का चैन-सुकून छिन गया है। विभागीय कर्मचारियों के मुताबिक ओवरलोड बढ़ने से गर्मी में फाल्ट अधिक हो रहा है। जिस कारण उसे सुधारने के समय आपूर्ति को बंद रखा जाता है। दहिलामऊ विद्युत उपकेंद्र के जेई विजय सिंह पटेल से आपूर्ति बाधित होने के बारे में बताया कि ट्रिपिंग के चलते लोग फाल्ट की शिकायत करते हैं। आपूर्ति को बंद कर सुधार कार्य किया जाता है। इस दौरान कटौती रही है।
गर्मी में हाईटेंशन तारों में फाल्ट समेत अन्य दिक्कतों के चलते कई बार आपूर्ति बाधित हो जाती है। शहरी क्षेत्र के सभी उपकेंद्रों पर कर्मियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।
- राम आसरे प्रसाद चौरसिया, एक्सईएन प्रतापगढ़ खंड।