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राहत: सीमा विस्तार से सीवर लाइन निर्माण पकड़ेगी रफ्तार

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सदर बाजार सई नदी किनारे बना सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट। - फोटो : PRATAPGARH
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शहर में कई सालों से लटकी सीवर लाइन की उम्मीद लोगों ने छोड़ दी थी। शासन ने जलनिगम को बजट देने से इनकार कर दिया। जिसके चलते करोड़ों रुपये पानी में बहते दिख रहे थे। हालांकि अब नगर पालिका और जल निगम को सीमा विस्तार की उम्मीद ने बड़ी राहत दी है। सीमा विस्तार होते ही नगर पालिका का दायरा बढ़ जाएगा और फिर केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत नए सिरे से सीवर लाइन निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा। अभी पहले चरण का काम ही अधूरा पड़ा है।
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एक दशक पूर्व शहर में सीवर लाइन बिछाने की योजना शुरू हुई थी। शहर में सीवर लाइन बिछाकर पहले चरण का काम जलनिगम को पूरा करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। शहर में करीब 8.5 किमी तक पाइप लाइन बिछाई गई है। तमाम अड़चनों के बाद सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पाइप लाइन को कनेक्ट भी कर दिया गया। दो साल पहले लोगों को उम्मीद जगी कि अब सीवर लाइन शुरू हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सीवर लाइन का काम लटका है।
अभी शहर में पहले चरण का काम पूरा नहीं हो सका। अब शहर के सीमा विस्तार से शहरियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। चूंकि एक लाख से अधिक आबादी वाली नगर पालिका को ए श्रेणी की पालिका मानी जाती है। ऐसी नगर पालिका को केंद्र सरकार की योजनाओं का भी लाभ मिलता है। केंद्र सरकार की अमृत योजना में शहर को विकसित करने की योजनाएं हैं।
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जिसमें सड़क, सीवर, जलनिकासी की व्यवस्था संग शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना शामिल है। अब नगर पालिका और जल निगम को उम्मीद जगी है कि सीमा विस्तार होने के बाद नगर पालिका ए श्रेेणी की पालिका बन जाएगी। जिसके बाद केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ नगर पालिका को मिलेगा। सीवर लाइन का लटका काम पूरा हो सकेगा। पहले हो चुके काम का सर्वे कराने के बाद नए सिरे से सीवर लाइन बिछाई जाएगी।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बर्बाद हो चुके हैं उपकरण
शहरियों को राहत देने के लिए एक दशक पहले सपा सरकार ने सीवर लाइन के निर्माण को हरी झंडी दिखाई थी। सपा सरकार जाने के बाद सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम प्रारंभ हो सका। सई नदी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार भी हो गया। उसकी रखवाली के लिए जल निगम द्वारा चौकीदार भी तैनात किए गए लेकिन कीमती उपकरण नशेड़ी चुरा ले गए और कुछ सामान जंग खा गए।
जिस कंपनी ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम किया था। उसने सर्वे करने के बाद करीब 40 लाख से अधिक दुबारा खर्च आने की बात कही। जिसका आगणन भी तैयार करके जलनिगम को दिया गया। करीब दो सालों से जलनिगम द्वारा शासन से बजट की मांग की जा रही है लेकिन बजट नहीं मिला। ऐसे में विभाग सीवर लाइन शुरू करने के लिए बजट का रोना रो रहा है।
शहर में शामिल गांवों में भी बिछेगी सीवर लाइन
शहर में शामिल होने वाले गांवों के भी दिन बहुरेंगे। वहां भी पक्की सड़क, पेयजल, आवास समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिलने लगेंगीं। सीमा विस्तार में शहर के इर्द गिर्द रहने वाले 22 गांवों को आंशिक व पूर्ण रूप से शामिल किया गया है।
जिला प्रशासन ने सीमा विस्तार को लेकर आपत्तियां भी मांगी हैं। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद शासन को पत्र भेजा जाएगा। जिसके बाद शासन शहर के सीमा विस्तार की घोषणा करेंगे।
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