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काम खूब हुए, पर आज भी बारिश में डूबता है शहर

Tue, 08 Aug 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : pratapgarh
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नगरपालिका बोर्ड का कार्यकाल बुधवार को पूरा हो रहा है। बीते पांच सालों में शहर में नगर पालिका की तरफ से काम तो कराए गए, लेकिन शहर के हालात नहीं बदले। आज भी वही पांच साल पुरानी तस्वीर है। विकास के तमाम दावों के बीच समस्याएं मुंह बाएं खड़ी हैं। लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। खारे पानी की समस्या जस की तस है। कई मोहल्लों में गलियां पक्की नहीं हो सकीं। जलनिकासी का उचित इंतजाम नहीं हो सके। नतीजा यह कि बारिश के बाद शहर डूबने लगता है। लोगों के घरों-दुकानों तक में पानी घुस जाता है।
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शहर की सबसे बड़ी परेशानी जाम और अतिक्रमण की है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। संकरी सड़कों और तंग गलियों के बीच हुए अतिक्रमण से लोगों को काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। नगर पालिका बोर्ड ने कभी इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किया। चेयरमैन हरिप्रताप सिंह का दावा था कि सबसे व्यस्ततम पंजाबी मार्केट और जिला अस्पताल के इर्द-गिर्द लगने वाले भीषण जाम को देखते हुए अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने के लिए सब्जी मंडी में जमीन चिह्नित की गई। इसके बाद भी न पार्किंग बन पाई और न लोगों को हर दिन लगने वाले जाम से छुटकारा मिल सका। आज भी लोग यहां घंटों जाम में फंसे रहते हैं। बीते पांच सालों में शहर में खारे पानी की समस्या दूर करने के लिए चेयरमैन की तरफ से शहर में 9 मिनी ट्यूबवेल के साथ अलग-अलग जगहों पर 15 वाटर वेंडिंग मशीन लगाई गई, लेकिन शहरियों को अब भी शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। नई व्यवस्थाओं से प्रमुख बाजारों और चौराहों के लोगों को तो कुछ राहत जरूर हुई है, लेकिन मोहल्लों में खारे पानी की समस्या बरकरार है। मीराभवन में बनी पानी की टंकी शुरू नहीं हो सकी।

बिजली न रहने पर शहर के प्रमुख मार्गों पर उजाले की व्यवस्था के लिए नगरपालिका अध्यक्ष ने जनरेटर जरूर चलावाया, लेकिन यह भी सच्चाई है कि बिजली होने के बाद भी शहर के कई मोहल्लों में अंधेरा छाया रहता है। चेयरमैन का दावा है कि नगर में हाईमास्ट लगवाने के साथ ही 400 एलईडी लाइट लगाई गई हैं। चार सौ और लाइटें लगाने के लिए प्रस्ताव पास हो चुका है। पटखौली, अस्पताल वार्ड, बलीपुर में लाइटें खराब हैं। इन मोहल्लों की सड़कों को भी पक्का या फिर इंटरलाकिंग नहीं कराया जा सका। चेयरमैन बताते हैं कि बीते पांच वर्षों में शहर में डेढ़ सौ से अधिक सड़कें बनवाई गईं और जलनिकासी के लिए सभी मुहल्लों में नालों का निर्माण कराया गया।
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