सोलर आरओ प्लांट के जरिए जल्द ही शहरियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए शहर मेें प्लांट की स्थापना की जाएगी। घर-घर आरओ वाटर की सप्लाई होगी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा इसकी पहल की गई है। सारी औपचारिकता पूर्ण हो चुकी है। जल्द ही जल निगम द्वारा कार्य शुरू कराया जाएगा।
शहर में नगरपालिका परिक्षेत्र में 25 वार्ड आते हैं। शहर में सबसे बड़ी समस्या खारे पानी की है। नगर पालिका द्वारा घर-घर पानी की सप्लाई की जाती है। मगर सप्लाई व्यवस्था बदहाली की मार झेल रही है। कई मुहल्ले ऐसे हैं जहां पानी की आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो पाती है। इसके अलावा आए दिन दूषित पानी की शिकायतें भी रहती हैं। यही कारण है पानी का उपयोग घरेलू कामकाज के लिए किया जाता है।
शहर के अधिकांश लोग पानी खरीदकर पी रहे हैं। शहर में जगह-जगह आरओ प्लांट खुल गए गए हैं। आरओ वाटर के नाम पर संचालक मनमानी कमाई कर रहे हैं। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण शहर के लोग मजबूर होकर मंहगे दामों में आरओ वाटर खरीद रहे हैं। मगर शहरियों को जल्द ही प्राइवेट आरओ प्लांट से पानी खरीदने की समस्या से निजात मिल जाएगी। अल्प संख्यक विभाग ने इसकी पहल शुरू की है।
शहर में जल्द ही सोलर आरओ वाटर प्लांट लगाया जाएगा। यह आरओ प्लांट अल्पसंख्यक बस्ती में लगेगा। जल्द ही स्थान चिह्नित कर लिया जाएगा। विभाग की मानें तो इसके लिए करीब 18 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही जल निगम की ओर से आरओ प्लांट का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे शहर में घर-घर आरओ वाटर की सप्लाई होगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने बताया कि सारी औपचारिकता पूर्ण कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। बजट स्वीकृत होते ही कार्यं शुरू होगा।