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Pratapgarh News: संपादित- निमोनिया की चपेट में आ रहे बच्चे

Sat, 21 Oct 2023 09:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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मौसम में बदलाव से बच्चों में निमोनिया की समस्या बढ़ने लगी। शनिवार को करीब 317 नवजात और बच्चों को चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में देखा, जिनमें ऐसी समस्या पाई गई।
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चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों के फेफड़ों में कफ जम जाने से उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि तमाम ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं, जो निमोनिया से पीड़ित हैं। इनकी सासें तेज चल रही। सांस लेने पर आवाज आ रही थी। गंभीर हालत में आने वाले बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बाकी को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चार- पांच साल की उम्र के बच्चे इस बीमारी के चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। गले में खराश, खांसी, बुखार, दस्त, भूख कम लगना इसके लक्षण हैं।
डॉ. अनिल के अनुसार तेज बुखार, पसीना आना या ठंड लगना, नाखूनों या होठों का नीला पड़ना, सीने से घरघराहट की आवाज होना, सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर बच्चे को अस्पताल लाकर दिखाएं।
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बचाव के तरीके
1. बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर रखें।
2. कूलर, एसी का बच्चों को परहेज कराएं।
3. गर्मी होने पर हल्का पंखा चलाएं।
4. बच्चों को ठंडी खाद्य सामग्री व पेय न दें।
5. बच्चों को संतुलित और पौष्टिक भोजन दें।

बच्चों के लिए खतरा है निमोनिया
छोटे बच्चों के लिए निमोनिया सबसे बड़ा खतरा होता है। इन दिनों मौसम बदल रहा है। निमोनिया से ग्रस्त बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। खान-पान से लेकर छोटे बच्चों के रख रखाव में कोताही न बरतें और समस्या होने पर बच्चों को स्वयं कोई दवा न दें।
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- डाॅ. अनिल कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ
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