पुराना माल गोदाम रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय में बौद्विक क्षमता परीक्षा देते बच्चे।
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लर्निंग आउट कम परीक्षा में ओएमआर शीट देखकर बच्चे चकरा गए। अधिकांश प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों में अध्यापकों ने ही ओएमआर शीट भरी। कुछ स्कूलों में शिक्षिकाओं ने ही अपने हाथ से गोले भी काले किए। विभाग का दावा है कि 98 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा पांच, छह, सात और आठ में पढ़ने वाले बच्चों की बौद्धिक क्षमता परखने के लिए जिले भर के स्कूलों में लर्निंग कम आउट की परीक्षा कराई। पहली बार ओएमआर शीट से हुई परीक्षा से बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डायट प्राचार्य मो. इब्राहिम और बीएसए अशोक कुमार सिंह ने स्कूलों का भ्रमण कर नकल विहीन परीक्षा संपादित कराने का निर्देश दिया।
मगर अधिकांश स्कूलों के बच्चे ओएमआर शीट भरने में विफल होने पर शिक्षकों ने स्वयं अपने हाथों से उन्हें भरा। हालांकि विभाग का दावा है कि ओएमआर शीट भरने और उत्तर देने का कार्य बच्चों ने ही किया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा में 78,809 बच्चों को शामिल होना था, जिसमें 98 प्रतिशत बच्चे उपस्थित रहे।