चिलचिलाती धूप में पारा 44 डिग्री पार होने के बाद भी रोजेदारों का हौसला बरकरार है। बुधवार को बड़ों के साथ बच्चों ने भी दूसरा रोजा रखा। रब की रजा के लिए भूख-प्यास सब भूल बैठे। मस्जिदों में पांच वक्त की नमाज के साथ तरावीह की नमाज अदा की। भीषण गर्मी के बाद भी बाजारों में चहल-पहल देखने को मिली।
बुधवार की सुबह सहरी करने के लिए परिवार के बड़े लोगों के साथ ही बच्चों की नींद भी खुल गई। उन्होंने सेहरी में ब्रेड, चाय के साथ ही दूध व दही खाई। भोर में 3.47 बजे सहरी करने के बाद लोगों ने रोजा रखने की नियत की। चिलचिलाती धूप में मौसम का तापमान 44 डिग्री के पार हो गया। जिससे बचने के लिए लोग बाहर निकलने से कतराते नजर आए।
जोहर की नमाज के बाद लोगों ने कुरान ए पाक की तिलावत की। मस्जिदों या अपने घरों में लोगों ने आराम किया। असर की नमाज के बाद लोग इफ्तार की तैयारियों में जुट गए।
शहर के फलमंडी गेट, बेगमवार्ड, श्रीराम तिराहा समेत अन्य इलाकों में खरीदारी की भीड़ दिखी। रोजा खोलने के लिए लोगों ने खजूर, चने की घुघरी के अलावा शरबत, छोले, पकौड़ी और पापड़ आदि दस्तरखान सजाई थी।
सभी घरों में आठ नौ साल के बच्चों से लेकर जवान और बुजुर्गों ने रोजा रखा। जिनकी पसंद को ध्यान में रखकर इफ्तार की तैयारी की गई। मौलाना अब्दुल्लाह नदवी ने बताया कि रोजा हर बालिग व सेहतमंद पर फर्ज है।
इससे किसी को छूट नहीं है। रोजेदारों पर अल्लाह बेशुमार रहमते बरसाता है। हर मुसलमान को चाहिए कि इस मुबारक महीने में कुरान पढ़े और कुरआन की नसीहतों का पालन करें।