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बाड़ के करंट की चपेट में आने से चौकीदार की मौत

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रानीगंज के रघवापुर में मृत चौकीदार संजय वर्मा। फाइल फोटो - फोटो : PRATAPGARH
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खेत में लगाई गई बाड़ में दौड़ रहे करंट से गई चौकीदार की जान
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रात में शौच के लिए निकला था घर से, तीन के खिलाफ मुकदमा
रानीगंज इलाके में खेत में फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए लगाए गई कटीले तार की बाड़ में अवैध रूप से दौड़ाए गए करंट की चपेट में आने से चौकीदार की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी घरों से फरार हैं। घटना से गांव में तनाव है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के रघवापुर निवासी संजय वर्मा (35) पुत्र मथुरा प्रसाद वर्मा गांव का चौकीदार था। शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे वह शौच के लिए घर से निकला। घर से कुछ दूरी पर पड़ोसी सुरेश वर्मा के बेटों ने खेत की फसल को मवेशियों से बचाने के लिए कटीले तार से घेराबंदी की थी। रात में आवारा मवेशियों से फसल को बचाने के लिए बाड़ के तार में करंट लगा दौड़ा देते थे। संजय वर्मा उधर से गुजरते वक्त करंट की चपेट में आ गया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश करने निकले। काफी देर तक परिवार के लोग खोजबीन करते रहे। बाद में सुरेश के खेत के पास लगे बाड़ में वह फंसा मिला। उसके शरीर का कुछ हिस्सा झुलस गया था। यह देख परिजन बिलखने लगे। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला। सूचना मिलने के बाद रानीगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। छानबीन के बाद पुलिस संजय के शव को लेकर थाने चली गई। बाद में उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद सुरेश के बेटे घर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश करती रही। इस मामले में मृतक के छोटे भाई राजकुमार की तहरीर पर पुलिस ने आशीष वर्मा, अंकित वर्मा और अतुल वर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। रानीगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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मृतक चौकीदार संजय वर्मा की चार बेटियां हैं। घटना के बाद पत्नी संतरा देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बड़ी बेटी रिंकी को छोड़कर दूसरे बच्चे पिता की मौत से अनजान थे। बेटी रिंकी, अंजली, गुड़िया व प्रिया के सिर से पिता का साया छिन गया। हर कोई मासूम बच्चियों को निहार रहा था। गांव के लोग भी इस घटना को लेकर गमजदा थे।
खेत की फसल बचाने के लिए तारों के बाड़ लगाने के बाद सुरेश के बेटे रात में तार में करंट प्रवाहित कर देते थे। ताकि फसलों को बचाया जा सके। इस बात की जानकारी गांव के लोगों को हुई। जिसके बाद ग्रामीणों ने आशीष, अंकित व अतुल को सलाह दी कि वे तार में बिजली का करंट न दौड़ाएं। इससे किसी की भी जान जा सकती है। ग्रामीणों के मना करने के बाद भी फसल बचाने के लिए बाड़ में रात होते ही करंट दौड़ा दिया। जिसकी चपेट में आने से चौकीदार की मौत हो गई।
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जिले में पहले भी खेतों की फसल आवारा मवेशियों से बचाने के लिए तारों की बाड़ में करंट लगाया गया। जिसकी चपेट में आने से लोगों की जानें जा चुकी हैं। नगर कोतवाली के कादीपुर के रहने वाले ओमप्रकाश उर्फ अर्जुन की 21 मई 2018 की पड़ोसियों द्वारा सब्जी की फसल की सुरक्षा में लगाए गए तारों की बाड़ में दौड़ाए गए करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। दो साल पहले देवसरा में भी शौच के लिए निकली वृद्धा की भी बाड़ के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। कंधई थाना क्षेत्र के पूरे घना में भी फसलों की सुरक्षा में लगाए गए बाड़ में दौड़ाए करंट की चपेट में आने से किसान की मौत हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया, लेकिन ऐसी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी। जिससे दूसरे लोग सबक लेते।

रानीगंज के रघवापुर में मृत चौकीदार के बिलखते परिजन।- फोटो : PRATAPGARH

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