अस्पताल में अव्यवस्था देखकर मंत्रियों ने प्राचार्य और सीएमएस से नाराजगी जताई थी। अस्पताल परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया था। मंत्रियों के जाते ही सबकुछ पुराने ढर्रे पर लौट आया। बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती कई मरीजों को चादर नहीं दी गई।
प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के निरीक्षण के अगले दिन ही राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में हालात जस के तस हो गए। चारों तरफ अव्यवस्था ही नजर आई। कई मरीजों को बिना चादर के बेड पर भर्ती किया गया। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से ओपीडी के सामने पानी भरा रहा। प्रयागराज मंडल के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, गिरीशचंद्र यादव और मनोहरलाल मुन्नू कोरी ने बुधवार शाम प्रताप बहादुर अस्पताल का निरीक्षण किया था।
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अस्पताल में अव्यवस्था देखकर मंत्रियों ने प्राचार्य और सीएमएस से नाराजगी जताई थी। अस्पताल परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया था। मंत्रियों के जाते ही सबकुछ पुराने ढर्रे पर लौट आया। बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती कई मरीजों को चादर नहीं दी गई। वार्डों में साफ-सफाई भी ठीक ढंग से नहीं की गई थी।
अस्पताल परिसर में ओपीडी के सामने जलजमाव होने के कारण मरीजों के साथ ही तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद बारिश होने पर वार्डों में भी पानी घुस गया। जबकि प्रभारी मंत्री ने प्राचार्य को आदेश दिया था कि तत्काल जलनिकासी और वाहन पार्किंग की व्यवस्था कराई जाए। मंत्री के जाते ही प्राचार्य और सीएमएस सब भुल गए।