जिले की 267 समितियों में 266 पर मंगलवार को सभापति और उपसभापति का चुनाव संपन्न हुआ। रानीगंज के देवासा में निर्विरोध अध्यक्ष बनाने के लिए सदस्य राकेश तिवारी के अपहरण का हल्ला उड़ा। हालांकि बाद में सदस्य ने बताया कि उनके साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। जिले के नेता समितियों पर अपने करीबियों को बैठाने के लिए अंतिम दौर तक जोड़-तोड़ की राजनीति करते रहे। मंगलवार को हुए चुनाव में अधिकांश समितियों पर प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर रही, तो कुछ समितियों पर निर्विरोध चयन हो गया।
जिले में 267 साधन सहकारी और वेतनभोगी समितियां हैं। संडवाचंद्रिका विकास खंड की साधन सहकारी समिति अंतू में चुनाव स्थगित होने के कारण जिले की 266 समितियों पर मंगलवार को सभापति और उपसभापति का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा। समितियों के चुनाव में पहली बार गांव के लोगों में इतना उत्साह देखने को मिला। जिले की अधिकांश समितियों में सभापति और उपसभापति के चुनाव को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी रही। हालांकि कुछ समितियों पर निर्विरोध भी चयन हुआ है। रानीगंज के देवासा में निर्विरोध अध्यक्ष बनाने के लिए सदस्य राकेश तिवारी के अपहरण का हल्ला उड़ता रहा। हालांकि राकेश ने इस बात का खंडन करते हुए अफवाह बताया।
समितियों पर चुने जाने वाले सभापति, उपसभापति और सदस्य ही जिलेस्तर पर गठित सहकारी संघ के अध्यक्षों का चुनाव करते हैं। जिला सहकारी बैंक, जिला उपभोक्ता सहकारी भंडार, इफको, कृभको सहकारी संघ, जिला विकास संघ सहित अन्य सहकारी संघ के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का चुनाव करते हैं। सहायक निबंधक और चुनाव अधिकारी अरविंद प्रकाश ने बताया कि सभी समितियों पर सभापति और उपसभापति का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया।