फैजाबाद-इलाहाबाद हाईवे पर भुपियामऊ से सोरांव तक 35 किमी सड़क पर अभी काम प्रारंभ नहीं हुआ, मगर अफसर बरसात के पहले इसे फोरलेन में तब्दील करने का दावा कर रहे हैं। केंद्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क निर्माण के लिए छह सौ करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है, 15 अप्रैल से निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। अगर 15 से काम शुरू हो भी जाता है तो विभाग के पास कौन सी जादू की छड़ी है जिससे दो महीने के भीतर गड्ढे भी पाट लिए जाएंगे और 35 किमी सड़क को फोरलेन में तब्दील कर दिया जाएगा। फिलहाल यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा कि दावे में कितना दम है।
फैजाबाद-इलाहाबाद राजमार्ग की हालत इतनी खराब है कि वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। इलाहाबाद की 60 किमी की दूरी तय करने में सिर्फ हिचकोले ही मिलते हैं। सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि छोटे और बड़े वाहन चालकों की फजीहत हो जा रही है। अब अफसरों का दावा है कि बरसात से पहले भुपियामऊ से सोरांव तक 35 किमी सड़क को फोरलेन बना दिया जाएगा। सोरांव से भुपियामऊ तक की 35 किमी सड़क को फोरलेन में बनाने के लिए छह सौ करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, 15 अप्रैल से नए सिरे से कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
सोरांव से फाफामऊ के बीच सडक को फोरलेन में बदलने के लिए अभी केंद्र सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। एनएच इलाहाबाद के अधिशासी अभियंता प्रभात चौधरी ने बताया कि फोरलेन निर्माण के लिए बजट मिल गया है, मशीनें बाहर से आ गई हैं, 15 अप्रैल से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो दिन के अंदर गड्ढों को भरने के लिए अभियान चलाया जाएगा। अधिकारी बरसात के पहले फोरलेन चालू करने का भले ही दावा कर रहे हैं, मगर ऐसा संभव होता नहीं दिख रहा है। दरअसल 15 जून तक बरसात शुरू हो जाती है। अगर 15 अप्रैल से काम शुरू भी हो जाता है तो एनएच के पास सिर्फ दो महीने बचेंगे। इसी में गड्ढे भी पाटने हैं।