शौचालय बने नहीं और गांव को मिल गया ग्रामश्री पुरस्कार
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पालिका चुनाव को लेकर आरक्षण की तैयारियां शासन स्तर पर शुरू हो गई हैं। शासन ने शहर की आबादी व वार्डों का ब्यौरा तलब किया है। नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्ड व हर वार्ड की आबादी के साथ ही शहर का पूरा क्षेत्रफल मांगा है। इसके अलावा शहर में किसकी आबादी अधिक है, यह भी पूछा गया है। शहरी क्षेत्र के वार्डों के सीमांकन की दशा मुख्यालय से कितनी दूर है।
नगर पालिका व नगर पंचायतों का चुनाव इसी साल होना तय माना जा रहा है। चुनाव को लेकर शासन स्तर से कवायद भी तेज हो गई है। हाल ही में शासन से नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों की आबादी व उस वार्ड के मौजूदा आरक्षण की जानकारी के साथ ही चारों दिशाओं में स्थित सरकारी व अर्धसरकारी संस्थानों की सूची मांगी गई है। शहर का क्षेत्रफल कितना है। सभी वार्डों की आबादी कितनी है। शासन से रिपोर्ट मांगने के बाद नगर पालिका व नगर पंचायत जानकारी एकत्र कर उसे भेजने की कवायद में जुट गए हैं। सूत्रों की मानें तो शासन की नई गाइड लाइन के हिसाब से जिन नगर पालिका की आबादी 70 से 80 हजार है। वहां केवल 22 वार्ड ही रहेगा।
यह नई नगर पालिका या सीमा विस्तार से जुड़ी पालिका पर ही लागू होगा। पुरानी नगर पालिका पर यह व्यवस्था लागू नही होगा। नगर पंचायतों को भी अपने वार्डो की दशा व आबादी के साथ ही आरक्षण का ब्यौरा देना है। नगर पालिका के ईओ अवधेश यादव ने बताया कि पालिका चुनाव को लेकर कवायद शुरू हो गई है। शासन स्तर पर जो भी सूचनाएं मांगी गई हैं। उसे भेजा जा रहा है।
नगर पालिका व नगर पंचायतों में चुनाव की सरगर्मी बढ़ी
नगर पालिका व नगर पंचायतों के चुनाव की तिथि भले ही अभी घोषित नही हुई है। इसके बावजूद चुनाव लडने वाले दावेदार अभी से दौड़ भाग करने लगे हैं। नगर पालिका व नगर पंचायतों से चुनाव लड़ने वाले दावेदार होर्डिंग्स के जरिए प्रचार भी तेज कर दिए हैं। वे मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने के साथ राजनीतिक दलों से टिकट लेने के लिए प्रयास तेज कर दिया है।