हाईकोर्ट के आदेश पर इंस्पेक्टर अनिल कुमार हत्याकांड की जांच करने वाली सीबीआई टीम सोमवार को फिर आ धमकी। घटना के आरोपी व चश्मदीद लोगों को साथ लेकर टीम घटनास्थल पर पहुंचीं। सीबीआई लखनऊ के एसपी भी पहली बार घटना की छानबीन करने आए। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद लोगों से बातचीत की। घटित घटना का टीम के सदस्यों ने रिव्यू भी कराया। इस दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा।
मूलत: अयोध्या जनपद के रहने वाले अनिल कुमार वर्ष 1998 बैच के दरोगा थे। वह परिवार संग लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर आम्रपाली कालोनी में रहते थे। कानपुर से तबादले पर आए निरीक्षक अनिल कुमार को नगर कोतवाल बनाया गया था। बाद में अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ला की हत्या के बाद इंस्पेक्टर अनिल कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था।
वह 19 नवंबर 2015 को लखनऊ से लौटकर आए थे। रात में शहर के वैष्णवी होटल में रुक गए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे होटल के नीचे शोर शराबे व फायरिंग की आवाज सुनकर वह नीचे दौड़े। इस बीच एक गोली उनके सीने में लग गई। जिससे उनकी मौत हो गई थी। हत्या के बाद पुलिस ने पल्टन बाजार के रहने वाले बोचा सोनी व जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस घटना का आकस्मिक बता रही थी। पति की हत्या के लिए उनकी पत्नी आरती गुर्जर पुलिस अफसर समेत पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया था लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी।
बाद में वह मामला लेकर हाईकोर्ट चली गईं। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई लखनऊ ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। कई बार सीबीआई की टीम आकर छानबीन कर चुकी है। सोमवार को सीबीआई लखनऊ के एसपी एसके खरे अपनी टीम लेकर घटना की तहकीकात करने पहुंचे। घटनास्थल पर पहले से ही सीबीआई के सीओ एमके जायसवाल पहुंचकर चश्मदीद व आरोपी बोचा सोनी से घटनाक्रम की जानकारी ले रहे थे।
एसपी के पहुंचने के बाद टीम के सदस्य चश्मदीद व आरोपी बोचा सोनी से पूर्व में हो चुकी घटना दोहराने के लिए कहा। टीम ने घटना के समय पहुंचे होटल के मैनेजर अमित सिंह, पूर्व इंस्पेक्टर बलराम मिश्र, पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर आनंद, इंस्पेक्टर अनिल के साथ रहने वाले प्राइवेट चालक नर्देश्वर , होटल कर्मचारी हदीश, माडल शाप में विवाद के दौरान गोली लगने से घायल अभिषेक व उसके साथियों से पूछताछ के बाद कई बार बाइक आगे पीछे कराई। घटनास्थल पर करीब ढाई बजे पहुंची टीम देर शाम तक छानबीन करती रही।
पहली बार घटनास्थल पर आए सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर बलराम व नर्देश्वर
इंस्पेक्टर अनिल कुमार की हत्या के बाद परिवार के लोग पूर्व नगर कोतवाल बलराम मिश्र समेत कुछ पुलिसकर्मियों पर संदेह जता रहे थे। इंस्पेक्टर अनिल का प्राइवेट कार चालक नर्देश्वर को भी काफी दिनों तक सीबीआई की टीम खोजती रही। सोमवार को उन लोगों को बुलाया गया।
जो घटनास्थल पर पहले पहुंचे थे। आरोपी बोचा सोनी ने घटना को अंजाम देने का तौर तरीका बताया। नर्देश्वर ने बताया कि गोली लगने के दौरान बारूद से उसका चेहरा झुलस गया था। उससे टीम के सदस्य काफी देर तक पूछताछ करते रहे।
इंस्पेक्टर व अभिषेक को गोली लगने का किया मिलान
वैष्णवी होटल में इंस्पेक्टर अनिल कुमार को गोली लगने के साथ ही पूरे केशवराय के अभिषेक को गोली लगी थी। अभिषेक को सीढ़ी से चंद कदम दूर खड़े होने के बाद गोली उसे लगने के बाइ इंस्पेक्टर अनिल के सीने में घुसने की तस्वीर व वीडियोग्राफी होती रही।
टीम छानबीन में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही। नर्देश्वर से भी बार-बार सवाल होता रहा कि जब इंस्पेक्टर अनिल उसके आगे थे तो फिर पीछे बारूद उसके चेहरे पर कैसे पहुंच गया। जबकि गोली अनिल के सीने में लगी थी।
फिर वही सवाल, सीने में लगी बुलेट तो नीचे कैसे निकली
सीबीआई टीम कई घंटे की मशक्कत के बाद यह गुत्थी सुलझाने में लगी रही। सूत्रों की मानें तो चश्मदीद और आरोपी के बयान भी टीम को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। बाइक से भागने के दौरान आरोपी फायरिंग कर रहा था। कुल तीन गोली चलाई थी। दो गोली में चली थी। तीसरी गोली अभिषेक के पेट को छूते हुए निकल गई थी। अब सवाल यह उठता है कि यदि गोली अभिषेक को लगी तो वह इंस्पेक्टर अनिल कुमार के सीने में जा घुसी।
गोली घुसने के बाद नीचे आते हुए पीठ से बाहर नकिल जाती है। जो संभव नही है। नीचे से मारी गई गोली ऊपर की ओर निकलेगी। बुलेट किसी हड्डी में भी नहीं टकराई थी। जिससे वह नीचे की ओर निकलती। यही गुत्थी सुलझाने के लिए सोमवार को सीबीआई टीम सभी चश्मदीद लोगों के साथ ही आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची थी।
पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर आनंद से भी यही सवाल होता रहा कि गोली पीछे से लगी थी या सामने से। यदि गोली सीने में घुसी तो ऊपर की ओर किस वजह से नहीं निकली।
पूर्व कोतवाल की हत्या मामले में माडल शाप में गोली से घायल युवक से पूछताछ करते सीबीआई के अधिकारी।- फोटो : PRATAPGARH
पूर्व कोतवाल अनिल कुमार की हत्या मामले की जांच को डेमो करने के लिए मंगायी गयी बाइक।- फोटो : PRATAPGARH