कुंडा कोतवाली के पास ट्रक मालिकों और ड्राइवरों से बातचीत करते सीबीआई के लोग।
- फोटो : PRATAPGARH
अवैध खनन करने वाले कुछ लोगों की पहचान कराने का प्रयास कर रहे थे अफसर
कुंडा। सीबीआई अफसरों ने घूम-घूमकर ट्रक मालिकों व ड्राइवरों का बयान लिया। इस दौरान उनकी आई जमा कराते हुए बयान पर हस्ताक्षर करवाए। सीबीआई अफसर कुछ लोगों के फोटो के माध्यम से पहचान भी कराने का प्रयास कर रहे थे।
वर्ष 2016 में जनपद फतनपुर में कुछ खनन घाटों के बगल के घाटों पर भी खनन किया गया। इसकी शिकायत उसी समय दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद उन्हीं घाटों की तरफ से आने वाले कुंडा के कुछ ट्रकों को आरटीओ ने ओवरलोड होने के चलते पकड़ लिया था। ट्रक मालिकों ने ट्रकों को जुर्माना देकर छुड़ा लिया था। तीन साल बाद सीबीआई ने अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसमें शामिल लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसके लिए बालू लाने वाले ट्रक मालिकों से सीबीआई ने शनिवार को पूछताछ की थी।
पूछताछ में यह बात प्रकाश में आई कि इसके बारे में ट्रकों के ड्राइवर कुछ बता सकते हैं। इस पर शनिवार को उनके ड्राइवरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। कस्बा निवासी अशोक कुमार के आवास पर ही सीबीआई के लोग बैठे और ड्राइवरों से पूछताछ की। इस दौरान ड्राइवर और ट्रक मालिकों की आईडी ली गई। साथ ही कुछ फोटो दिखाकर उनकी पहचान करने की बात कही। हालांकि ड्राइवर उन फोटो को पहचान नहीं सके। सीबीआई के इंस्पेक्टर राजकुमार ने कुंडा के अशोक, गुलाब सोनकर, ड्राइवर पिंटू सहित कई ट्रक मालिकों व ड्राइवरों से पूछता करती रही। बाद में कुछ लोगों के न मिलने पर वह उनके घर तक भी गई। देर शाम सीबीआई के लोग बिहार में किसी ट्रक मालिक से मुलाकात करने पहुंचे। फिलहाल कुंडा में सीबीआई के एक बार फिर से आगमन से हडक़ंप मचा हुआ है।