पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदान इलाकों में भी दिखा है। मंगलवार की सुबह होते-होते पूरे जिले को कोहरे की चादर ने ढक लिया। कोहरा इतना घना था कि दस कदम भी देखना मुश्किल था। पहले दिन पडे़ कोहरे से आम जनजीवन प्रभावित रहा। स्कूली बसें रेगती रहीं, तो बच्चे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे रहे।
मंगलवार को जिले में कोहरे ने दस्तक दे दी। लोग सुबह उठे तो घना कोहरा देखकर दंग रह गए। पहले दिन पडे़ घने कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सुबह स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को काफी संघर्ष करना पड़ा। कोहरा अधिक होने से स्कूली वाहन सड़कों पर रेंगते रहे। बच्चे ठंडी से बचने के लिए गर्म कपडे़ पहन कर निकले। प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में गुरुजी तो पहुंचे, मगर बच्चे नदारद रहे। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा।
दिन में ग्यारह बजे तक कोहरे का छाए रहने से दिन भर खिलकर धूप नहीं निकली। बादलों की ओट से सूर्यदेव झांकते रहे। सूर्य के निकलने का इंतजार कर रहे लोगों के हाथ निराशा लगी। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि कोहरे का दौर आज से प्रारंभ हो गया है। उन्होंने बताया कि यह कोहरा रविवार से ही पड़ना था, मगर हवाओं का दबाव अधिक होने के कारण स्थिर नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि अभी तो ठंड की शुरुआत है, आने वाले दिनों में शीतलहरी भी चलने की संभावना है।