चिकित्सकीय अवकाश से लौटने के बाद उप डाकघर अफीम कोठी में तैनात डाकसेवक से प्रवर डाक अधीक्षक के स्टेनो ने दोबारा ज्वाइन कराने के लिए 30 हजार रुपये मांगे थे। रकम मोहनगंज के पोस्टमैन के जरिये पहुंचनी थी। शुक्रवार को सीबीआई की टीम दोनों को गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जनपद के नागल पीपा निवासी मोहित की शिकायत पर लखनऊ के सीबीआई एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। उनका कहना है कि छोटा भाई राहुल अफीम कोठी उप डाकघर में डाक सेवक के पद पर कार्यरत है। एक सितंबर 2024 को अस्वस्थ होने पर चिकित्सा अवकाश पर चला गया। 21 अक्तूबर को वह अपने भाई के साथ ज्वाइन कराने पहुंचा लेकिन निरीक्षक डाकघर ने अनुमति नहीं दी।
दोनों 23 अक्तूबर को प्रवर डाक अधीक्षक से मिलने पहुंचे। उनके न मिलने पर स्टेनो राघवेंद्र प्रताप ओझा और डाककर्मी अनिल शुक्ला मिले। स्टेनो ने 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी, जिसे अनिल शुक्ला को देने को कहा। रुपये न देने पर राहुल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। मोहित ने रिश्वत न देकर सीबीआई के एसीबी में शिकायत की। इसके बाद सीबीआई की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
रंगेहाथ पकड़ा था रिश्वत लेते
योजनाबद्ध तरीके से सीबीआई की टीम राहुल को लेकर मोहनगंज बाजार पहुंची। वहां पोस्टमैन को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि रिश्वत का पैसा वह स्टेनो को देगा।