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Pratapgarh News: पट्टी में ब्लॉक प्रमुख समेत छह पर केस, 25-25 हजार का इनाम

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कोतवाली के करीब दो सगे भाइयों को गोली मारने वाले ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह समेत छह नामजद और अज्ञात लोगों पर पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी छह आरोपियों पर एसपी ने 25-25 हजार रुपये के इनाम घोषित किए हैं। मंगलवार को आईजी प्रयागराज अजय मिश्रा घटनाक्रम की जानकारी लेने पहुंचे। मातहतों की कार्यप्रणाली और एक भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई।
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पट्टी कोतवाली के करीब स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में सोमवार को डेढ़ बिस्वा जमीन का बैनामा कराने को लेकर बवाल हो गया था। दिनदहाड़े दुस्साहस का परिचय देते हुए बाबा बेलखरनाथ धाम के प्रमुख सुशील सिंह अपने गुर्गों के साथ पहुंचे। मारपीट कर बैनामा कराने आए बृजेश तिवारी के रिश्तेदार सुल्तानपुर निवासी अरुण मिश्रा और आदित्य मिश्रा को गोली मार दी। बैनामा करने वाले औराइन निवासी जगन्नाथ विश्वकर्मा को उठा ले गए।



इस मामले में देर रात पीड़ित पक्ष की तहरीर न मिलने पर हल्का दरोगा बैकुंठ नाथ पांडेय ने रामकोला निवासी ब्लाॅक प्रमुख सुशील सिंह, बीबीपुर निवासी संतोष सिंह, सरसतपुर निवासी ओम सिंह, चरैयापट्टी निवासी अजय सिंह उर्फ टक्कू सिंह, औराइन निवासी शिवम पांडेय व विपिन पांडेय समेत अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला, बलवा समेत संगीन धाराओं में केस दर्ज कराया।
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एसपी डॉ. अनिल कुमार ने सभी फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। आठ थानों की पुलिस रात भर आरोपियों की तलाश में दबिश देती रही। प्रमुख समेत अन्य आरोपियों के घर मिले वाहन कोतवाली लाए गए। मंगलवार दोपहर प्रयागराज के आईजी अजय मिश्रा भी कोतवाली पहुंचे। घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए मातहतों की कार्यप्रणाली पर भड़के।



चेताया कि फरार आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो। अन्यथा सजा भुगतने को तैयार रहें। करीब 25 मिनट रुकने के बाद आईजी चले गए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। अन्य आरोपियों पर भी आपराधिक मुकदमा दर्ज है। सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की गठित चार टीम लगातार दबिश दे रही है।

विवाह घर के लिए कीमती थी जगन्नाथ की डेढ़ बिस्वा भूमि

पट्टी। रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन के बैनामे को लेकर हुए विवाद की जड़ सड़क पर स्थित जगन्नाथ की डेढ़ बिस्वा जमीन निकली। प्रमुख समर्थक जगन्नाथ के पीछे ढाई बीघे जमीन में मैरिज हाल बनाना चाहते थे। उनकी जमीन तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं था। केवल जगन्नाथ की जमीन से ही रास्ता पहुंच सकता था।



कोतवाली के औराइन निवासी शिवम पांडेय एवं विपिन पांडेय सगे भाई हैं। उनकी ढाई बीघा जमीन पक्की सड़क के करीब है। खेत तक पहुंचने के लिए दोनों भाइयों ने कुछ दिन पहले जगन्नाथ विश्वकर्मा से डेढ़ बिस्वा जमीन बैनामा करने की बात की थी लेकिन वह राजी नहीं था। विवाह घर बनाने के लिए शिवम व विपिन ने रेत, गिट्टी समेत भवन निर्माण सामग्री भी गिरा दी। उसी डेढ़ बिस्वा जमीन का सौदा बृजेश तिवारी ने अधिक रुपये में करते हुए जगन्नाथ को बैनामे के लिए राजी कर लिया।

लोगों का कहना है कि जगन्नाथ ने पहले प्रमुख से बातचीत के दौरान भी उनके समर्थकों को ही जमीन का बैनामा करने की बात कही थी। मगर सोमवार को वह जमीन का बैनामा बृजेश तिवारी के पक्ष में करने पहुंच गया। जिसकी सूचना शिवम व विपिन को मिलने के बाद रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे ब्लाॅक प्रमुख सुशील सिंह ने तांडव मचाया।



अपहृत जगन्नाथ की हुई वापसी, पुलिस ने ली राहत की सांस

पट्टी। औराइन निवासी जगन्नाथ को ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह व उनके साथ आए लोगों द्वारा अगवा करने का आरोप बृजेश तिवारी लगाते रहे। हालांकि सोमवार की रात उसने पुलिस को फोन कर खुद को सुरक्षित होने की जानकारी दी। लोगों का कहना है कि पुलिस ने उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ कर रही है। उसके घर पर पुलिस तैनात है। उसके भाई को भी पुलिस कोतवाली पूछताछ के लिए सोमवार को ही ले आई थी। सीओ पट्टी मनोज रघुवंशी ने बताया कि जगन्नाथ विश्वकर्मा पूरी तरह सुरक्षित है। प्रयागराज में वह कार से उतर गया था।



दोनों घायलों की हालत में सुधार, ऑपरेशन कर निकाली गोली

पट्टी। रिश्तेदार का सोमवार को बैनामा कराने पट्टी आए सुल्तानपुर के बहती निवासी सगे भाई अरुण मिश्रा और आदित्य मिश्रा गोली लगने से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए प्रयागराज एसआरएन ले जाया गया। जहां मंगलवार को दोनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। सीओ पट्टी मनोज रघुवंशी ने बताया कि अरुण मिश्रा के कमर में फंसी बुलट ऑपरेशन कर निकाली जा चुकी है।



एमडी के सौदागरों के करीबी ब्लॉक प्रमुख के परिजनों पर पुलिस ने कसा शिंकजा
पट्टी में हुई घटना के बाद पुलिस बाबा बेलखरनाथ धाम ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह व उनके करीबियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। प्रमुख का नाम एमडी बेचने वाले सौदागरों के करीबियों में शुमार होता है। पुलिस उनकी पत्नी, बेटे, भाई व भाभी को पूछताछ के लिए उठाया है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें कंधई व दिलीपपुर में रखा गया है। परिवार के लोगों के साथ पुलिस उन लोगों को भी उठा रही है, जो प्रमुख से घटना के पहले व बाद में बातचीत किए थे। मोबाइल की काॅल डिटेल निकालने के बाद पुलिस उन पर शिकंजा कस रही है। हालांकि पुलिस किसी को भी उठाने की बात से इन्कार कर रही है।



रजिस्ट्री कार्यालय में सन्नाटा, पुलिस की मौजूदगी में होता रहा बैनामा



सोमवार को बैनामा कराने के विवाद को लेकर रजिस्ट्री कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। कुल चार बैनामा ही हुआ था। मंगलवार को भले ही सन्नाटा रहा लेकिन पुलिस की मौजूदगी में जमीन की 15 रजिस्ट्री हुई। एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल, सीओ मनोज रघुवंशी कार्यालय व बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करते हुए उसे कब्जे में लेते रहे।

प्रमुख पर परशुराम सेना ने घोषित किया 21 हजार का इनाम

राष्ट्रीय परशुराम सेना के अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला ने ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह और उनके साथियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए 21 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उनका कहना है कि प्रमुख मुंबई से प्रतापगढ़ तक नशे के अवैध कारोबार में लिप्त है। विकास योजनाओं की धनराशि को हड़प लिया है। आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करते हुए अवैध जमीन में बने मकान को ध्वस्त कराया जाए। प्रमुख को मुठभेड़ में पकड़ने वाली पुलिस को वह 21 हजार रुपये का इनाम देंगे।
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