पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को डराने धमकाने व नाम वापसी के लिए दबाव बनाने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर धमकाने का वीडियो व ऑडियो वायरल हो रहा है। एक ऐसे ही मामले में शिकायत पर पुलिस ने मानधाता के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह उर्फ गुड्डन के पिता व चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
वहीं जेठवारा पुलिस ने भी महिला प्रत्याशी को नाम वापस लेने का दबाव बना रहे पूर्व प्रधान गुलहसन पर भी शिकंजा कसते हुए एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन ने महिला प्रत्याशी को सुरक्षा पुलिसकर्मी उपलब्ध कराया है।
मानधाता थाना क्षेत्र के शेखनपुर निवासी मुश्ताक अहमद ने पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि पांच अप्रैल को वह अपने चचेरे भाई महताब अली के घर के आगे रखे छप्पर के नीचे चारपाई पर लेटा था। इस बीच उधर से गुजर रहे राजेंद्र बहादुर सिंह ने बुलाया।
गालियां देते हुए प्रधानी का चुनाव लड़ने पर जान से मार देने की धमकी दी। इस बीच राजेंद्र बहादुर के भाई वीरेंद्र बहादुर सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने भी उसे गालियां देते हुए चुनाव लड़ने पर जान से मारने की धमकी दी।
धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर कई दिनों से वायरल हो रहा था। मानधाता पुलिस ने तहरीर मिलने पर राजेंद्र बहादुर सिंह व उनके भाई वीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी राजेंद्र बहादुर सिंह मानधाता के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह उर्फ गुड्डन के पिता हैं।
दूसरी ओर जेठवारा की मनेहू ग्राम पंचायत महिला के लिए आरक्षित है। गांव से प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में पूर्व प्रधान अनीशा व विधवा बड़की देवी हैं।
बड़की के बेटे गोविंद गुप्ता ने थाने में पूर्व प्रधान गुलहसन के खिलाफ तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि वह आए दिन अपने साथियों के साथ उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। चुनाव लड़ने से रोकने के लिए नाम वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। कहा कि आरोपी कानपुर से उसके भाई राजेंद्र गुप्ता को सोरांव उठा लाए। पांच लाख रुपये व हैंडपंप देने का लालच भी दिया।
मानधाता के जमुआ के रहने वाले अशफाक ने भी उसे फोन पर नामांकन वापस करने के लिए धमकाया। बातचीत की ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गुलहसन, अशफाक समेत पांच छह अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।