जिले के सात विद्युत उपकेंद्रों पर पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि की गई है। मई और जून में 26 हजार उपभोक्ताओं को खपत बढ़ने पर ट्रिपिंग और बिजली कटौती की समस्या जूझना नहीं पड़ेगा। साथ ही उपकेंद्रों के फीडरों पर लोड कम रहेगा और फॉल्ट नहीं होंगे। अफसरों के मुताबिक, क्षमता वृद्धि में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
जिले के संडवा चंद्रिका, आसपुर देवसरा, कुंडा, बहोरिपुर, हथिगवां, संग्रामगढ़ व पांडेय तारा विद्युत उपकेंद्र की क्षमता को बढ़ाकर पांच से 10 एमवीए किया गया है। पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि से उपभोक्ताओं को गर्मी में निर्बाध आपूर्ति प्राप्त हो सकेगी। बीते साल जिले के आठ उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई थी।
अधीक्षण अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि सात उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई है। इससे करीब 26 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी। गर्मी के दिनों में बिजली की खपत अधिक होती है। लोड के कारण फीडरों के जलने का खतरा रहता है। पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता वृद्धि से फाल्ट की समस्या दूर होगी।
इनसेट:-
कूलर व पंखे की नहीं होगी आवश्यकता
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि पिछले साल उपकेंद्रों के पावर ट्रांसफार्मर को गर्मी से बचाने के लिए कूलर व पंखे लगाए गए थे लेकिन इस गर्मी में इनकी आवश्यकता नहीं होगी। क्षमता वृद्धि के बाद अब दो पावर ट्रांसफार्मर पर एक उपकेंद्र का विद्युत लोड रहेगा।