सफाईकर्मी की भर्ती के लिए इंटरव्यू देने आ रहे अभ्यर्थी परीक्षकों द्वारा पूछे जा रहे सवालों के अजब-गजब जवाब दे रहे हैं। कुछ तो ऐसे में भी हैं जो सीधे कह दे रहे हैं कि इतना पता होता तो सफाईकर्मी का फार्म नहीं भरता। नगर पालिका के चेयरमैन और जिलाधिकारी का नाम भी नहीं बता पाए अभ्यर्थी।
शनिवार को नगर पालिका परिषद के 34 सफाईकर्मियों के पद के लिए हादीहाल में साक्षात्कार लिया जा रहा था। इंटरव्यू लेने वाले अफसर भी सभी अभ्यर्थियों से बारी-बारी सवाल कर रहे थे। कई अभ्यर्थियों के उत्तर परीक्षक अफसरों को हंसने पर मजबूर कर देते। सूत्रों की मानें तो एक उच्च डिग्री धारक अभ्यर्थी से परीक्षकों की टीम ने सवाल किया कि नगर पालिका का चेयरमैन कौन है? जवाब मिला गुलशन यादव। दूसरा सवाल, जिलाधिकारी कौन हैं? जवाब मिला अमृत त्रिपाठी जिलाधिकारी हैं। यह सुनते हुए आगे की ओर भेज दिया गया।
इस बीच एक महिला अभ्यर्थी इंटरव्यू देने पहुंची। सवालों का जवाब देते हुए बोली कि मजबूरी में सफाईकर्मी बनने के लिए आवेदन किया है। स्नातक पास सुलतानपुर से आए एक अभ्यर्थी ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हिन्दी उसका पसंदीदा विषय है। अधिक सवाल सुन वह तपाक से बोल पड़ा कि इतनी जानकारी होती तो सफाईकर्मी बनने के लिए परीक्षा देने न आया होता। शौचालय किससे साफ किया जाता है? जवाब मिला कि फिनायल से। सामान्य जाति के लोगों से सवाल हुआ कि वे लोग सफाई कैसे करेंगे। झाड़ू लगाते समय शर्म आड़े नहीं आएगी। जवाब मिला, पहले नौकरी तो मिले। शर्म छोड़ने की आदत डाल चुके हैं।