किसानों की फसल नष्ट करने वाले आवारा जानवर अफसरों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। अफसरों की मानें तो 6539 पशु बाहर घूम रहे हैं। अब इन पशुओं को गो संरक्षण केंद्रों में कैद करने की जिम्मेदारी सीडीओ, सीवीओ और डीपीआरओ पर सौंप दी गई है। मंगलवार को दिनभर अधिकारी इन पशुओं को अंदर करने के लिए दिनभर माथापच्ची करते रहे।
अभी तक आवारा पशुओं को गो संरक्षण केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एसडीएम और बीडीओ पर सौंपी गई थी। मगर सोमवार को प्रमुख सचिव ने नया आदेश जारी कर सीडीओ, सीवीओ और डीपीआरओ को बराबर का जिम्मेदार बना दिया।
इस आदेश के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए। अफसरों की मानें तो जिले में 6,539 आवारा पशु ऐसे हैं, जो किसानों की हरी-भरी फसल को रौंद रहे हैं। अब पशुओं को गो संरक्षण केंद्र तक पहुंचाने के लिए अधिकारी माथापच्ची करने में जुटे हुए हैं। मंगलवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ वीपी सिंह ने मानधाता ब्लाक के पूरेमोती गांव में निर्माणाधीन बृहद गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर अविलंब पशुओं को संरक्षित करने को कहा है।
इधर सीडीओ ईशा प्रिया ने एडीओ पंचायतों के साथ बैठक करके सख्त हिदायत दी है कि गांव में अगर आवारा पशु घूमते हुए मिले, तो ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शासन ने पांच फरवरी तक सभी पशुओं को गो संरक्षण केंद्र पहुंचाने को कहा है।