जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध कमेटी के सदस्य पद के लिए नामांकन करने वाले कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह, बेटे राजीव प्रताप उर्फ नंदन सिंह, दो भतीजे प्रदीप कुमार सिंह और राकेश कुमार सिंह सहित 11 डायरेक्टरों का चयन निर्विरोध हो गया है। जबकि बाबागंज से नामांकन करने वाले अजय कुमार द्विवेदी के जांच के समय गायब रहने से उनका पर्चा खारिज कर दिया गया है। जिला सहकारी बैंक में दिनभर भारी संख्या में फोर्स तैनात रही।
शुक्रवार को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध कमेटी के सदस्य पद के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच हुई। चुनाव अधिकारी राम प्रसाद सिंह ने बताया कि जांच के समय बाबागंज से नामांकन करने वाले अजय कुमार द्विवेदी के गायब रहने से पर्चा निरस्त कर दिया गया है। इधर, नामांकन पत्रों के वैध मिलने से कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह, बेटे राजीव प्रताप उर्फ नंदन सिंह, दो भतीजे प्रदीप कुमार सिंह और राकेश कुमार सिंह, अर्चना देवी पत्नी संतोष कुमार, रामआशीष, राजेंद्र प्रताप सिंह पर्वतपुर, राजेश कुमार, सर्वेंद्र कुमार दूबे, रवींद्र पाल और शैल कुमारी पत्नी राकेश तिवारी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।
जबकि तीन वृत्तिक पदों के लिए छह प्रत्याशी अभी मैदान में हैं। फिलहाल 19 अगस्त को नामांकन पत्र वापस लेने के लिए 10 बजे बजे का समय दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है चुनाव कराने की स्थिति नहीं उत्पन्न होगी। बल्कि सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चयन की संभावना प्रकट की जा रही है। फिलहाल भाजपा की जो तैयारी है, उसके मुताबिक कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह के भतीजे प्रदीप सिंह उर्फ बाले को संघ के अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है।