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सब कुछ तय पर नहीं मिल रही ‘घोड़ी’

Tue, 02 Dec 2014 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सब कुछ तय है मगर फेरा लेने के लिए दूल्हों को ‘घोड़ी’ नहीं मिल पा रही है। तमाम दूल्हों की बारात उठने पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सहालग में गाड़ियों की भारी कमी हो गई है। वाहन बुक करने के लिए दूल्हे के परिजन ट्रेवेल्स के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें गाड़ियां मिल ही नहीं रही हैं। ऐसे में लोगों को दूसरे जनपद में वाहनों के लिए संपर्क करना पड़ रहा है।
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30 नवंबर को तेज लगन थी। सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहनों में अधिकांश शादी में शामिल थे। दिसंबर माह में सहालग का मौसम पूरे जोर पर है। इसमें शादी ब्याह होने के साथ ही गोद भराई, वरीछा व तिलक की रस्में भी निभाई जा रही हैं। इन रस्मों को निभाने के लिए आने-जाने में लोगों को वाहनों की जरूरत पड़ रही है। चूंकि यह सारी रस्में लगन को ध्यान में रखकर की जाती हैं। इसलिए समय का भी ध्यान रखना पड़ता है। 15 दिसंबर तक शादी का मुहूर्त है। ऐसे में वाहनों को बुक कराने के लिए दूल्हे के परिजनों को मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें ट्रेवल्स के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बावजूद इसके 4, 6, 8, व 14 दिसंबर के लिए गाड़ियां नहीं मिल रही हैं। कुछ लोगों ने मैजिक और टेंपो ही बुक करा दिया है।

बाराती लग्जरी गाड़ियों में ही बैठकर जाना शान समझते हैं। नए मॉडलों की लग्जरी गाड़ियां यदि बारात में नहीं रहती तो रुतबा फीका होने लगता है। मौजूदा समय में ट्वेरा, स्कार्पियो की अधिक डिमांड है। इसके साथ ही गोद भराई, तिलक और वरीछा में भी लोग इन्हीं गाड़ियों से जाना पसंद करते हैं।
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 सहालग को देखते हुए ट्रेवल्स संचालकों ने गाड़ियों के किराए बढ़ा दिए हैं। वैसे तो कई महीने पहले ही गाड़ियों की बुकिंग हो चुकी है लेकिन यदि गाड़ियां खाली हैं तो उनका पूरा फायदा उठाया जा रहा है। दो हजार से पांच हजार के बीच में होने वाली बुकिंग अब पांच हजार के ऊपर से शुरू हो रही है। अगर जिले से बाहर जाना है तो उसके लिए अलग से रेट निर्धारित किया जाता है। इसका दर्द शहर के पुराना माल गोदाम रोड निवासी आजम को है। छह दिसंबर को उन्हें परिवार के साथ सलवन में एक शादी समारोह में शामिल होना है, लेकिन उन्हें मनपसंद वाहन नहीं मिल रहा है। इसके साथ एक हजार रुपए अधिक और समय से वाहन छोड़ने की शर्त ट्रेवल्स वालों ने उसके सामने रखी है।


जनपद में मध्यम वर्ग वाले दूल्हे भी अब दूसरों की देखादेखी अपनी शौक पूरी कर रहे हैं। मौजूदा समय में होंडा सिटी, एमेज, इंडिका सीएस को दूल्हे अधिक पसंद कर रहे हैं। हिन्दू हो या मुसलिम सभी को ऐसी कारों में सेहरा बांधकर बैठना पसंद है। उनकी जिद के कारण परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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