15 हजार शिक्षकों की भर्ती में बीटीसी 2012 के अभ्यर्थी नहीं शामिल हो पाएंगे। प्रभारी डायट प्राचार्य ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकरण को पत्र लिखकर प्रायोगिक परीक्षा की अवधि पूरी नहीं होने की जानकारी दी है। इधर बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर 50 दिवस का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही रिलीव करने को कहा है। बीटीसी वर्ष 2012 के अभ्यर्थियों को 15 हजार शिक्षकों की रिक्तियों में आवेदन करने से रोकने के लिए वर्ष 2011 के अभ्यर्थी संघर्ष कर रहे थे। जिलाधिकारी के आदेश पर प्रभारी डायट प्राचार्य एसके ओझा ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकरण को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं का 50 दिन का क्रियात्मक प्रशिक्षण अभी नहीं पूरा हुआ है।
ऐसी दशा में बीटीसी 2012 के अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल होना उचित नहीं होगा। इधर बीएसए एसटी हुसैन ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि 50 दिन का क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही रिलीव करें। अधिकारियों की इस पहल से बीटीसी 2012 के अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा में शामिल होने की राह में रोड़ा खड़ा हो गया है। इधर बीटीसी 2011 संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव सिंह चौहान ने अधिकारियों की इस पहल का स्वागत किया है। बतादें कि प्रदेश में 15 हजार शिक्षकों की रिक्तियों के लिए वर्ष 2011 के अभ्यर्थी अपने लिए जगह सुरक्षित करने में लगे थे। अधिकारियों के इस कदम उन्हें सफलता मिल गई।