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Pratapgarh News: रिश्वत लेने वाला दरोगा गिरफ्तार, भेजा गया गोरखपुर जेल

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महेशगंज थाने में तैनात दरोगा जितेंद्र सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार कर गोरखपुर जेल भेज दिया गया। इस मामले में उसे पहले ही निलंबित कर दिया गया था। खास यह कि वह जिस थाने में तैनात था, उसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बदगवां निवासी धर्मेंद्र पुष्पाकर के खिलाफ उनके पड़ोसी ने मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना जितेंद्र सिंह कर रहे थे। धर्मेंद्र का आरोप है कि दरोगा ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाने के नाम पर धर्मेंद्र से 20 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने पहले पांच हजार रुपये दिए। बावजूद इसके चार्जशीट लगा दी गई। आगे भी रिश्वत की मांगी जा रहा थी।
इससे परेशान होकर धर्मेंद्र ने दरोगा से बातचीत का ऑडियो और वीडियो बनाया, जिसकी क्लिपिंग शिकायती पत्र के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार को दी। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ सदर करिश्मा गुप्ता को सौंपी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। सोमवार की रात एसपी ने दरोगा को निलंबित करते हुए विभागीय जांच का आदेश दिया।
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महेशगंज थानाध्यक्ष ने शिकायतकर्ता धर्मेंद्र पुष्पाकर की तहरीर पर दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को गोपनीय तरीके से दरोगा को गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।

पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई पुलिसकर्मी रिश्वत की मांग या दबाव बनाता है तो तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दें। साक्ष्य मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।

- डॉ. अनिल कुमार, एसपी


पहले भी पुलिसकर्मी जा चुके हैं जेल
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मी पहले भी जेल जा चुके हैं। पूर्व एसपी अनुराग आर्य के कार्यकाल में बाघराय थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। इसके अलावा रिश्वत लेने के आरोप में पुलिसकर्मी निलंबित होते रहते हैं।
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