जिला और महिला अस्पताल में 41 डिग्री तापमान के बीच बिना पंखे, कूलर और एसी के मरीज उबल रहे हैं। दोनों अस्पतालों के वार्डों में लगे ज्यादातर पंखे खराब पड़े हैं। कूलर और एसी भी शोपीस बने हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए तीमारदार घर से पंखे लाकर लगा रहे हैं।
वार्डों में भर्ती मरीजों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी वार्डों में पंखे लगवाए गए हैं। सर्जिकल, मेडिकल और चिल्ड्रेनवार्ड को मिलाकर कुल 94 पंखे लगे हैं। इनमे से सात पंखे जहां खराब हैं, वहीं 11 पंखे रेंग रहे हैं। चिल्ड्रेन और सर्जिकल वार्ड में दो-दो कूलर रखे गए हैं, मगर वह चलते नहीं हैं।
चिल्ड्रेन वार्ड में लगे दो एसी वर्षों से खराब पड़े हैं। इस ओर सीएमएस का ध्यान नहीं पड़ रहा है। जबकि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार बार-बार इसकी शिकायत करते रहते हैं। तापमान 41 के पार पहुंच गया है।
गर्मी के चलते मरीज बेचैन हो जा रहे हैं। मजबूरन वह घर से फर्राटा और टेबल फैन लाकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। जिन मरीजों का घर दूर है, उनके तीमारदार हाथ के पंखे से उन्हें गर्मी से निजात दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
न नए कूलर खरीदे न पुराने की मरम्मत कराई
जिला अस्पताल में हर वर्ष नए कूलर खरीदे जाते हैं। साथ ही पुराने कूलरों की मरम्मत कराई जाती है, लेकिन इस बार सीएमएस ने न नए कूलर खरीदे और न ही पुराने कूलरों की मरम्मत कराई। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रखे पुराने कूलर खराब पड़े हैं।
महिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड का पंखा और कूलर दोनों खराब
जिला महिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में कूलर के साथ ही दो पंखे लगे हैं। एक पंखा और कूलर खराब पड़ा है। इससे ऑपरेशन के बाद जिन महिलाओं का प्रसव हो रहा है, उन्हें गर्मी में भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। सीएमएस इससे अनजान बनी हैं।
यदि मरीज अपने घर से पंखा लाकर वार्ड में लगा रहे हैं तो यह गलत है। खराब पड़े पंखों के साथ कूलर की जल्द मरम्मत करवाने के लिए सीएमएस को आदेश दिया जा रहा है। दो दिन के अंदर समस्या दूर न होने पर सीएमएस के खिलाफ डीएम से शिकायत की जाएगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।