किसान आंदोलन के समर्थन में सपा की किसान पदयात्रा निकालने रोकने के लिए जिला प्रशासन रात से ही सपाइयों की घेराबंदी करता रहा। बावजूद प्रशासन की घेराबंदी तोड़ सपाइयों ने सपा कार्यालय से आंबेडकर चौराहे तक पदयात्रा निकाली। हालांकि पुलिस ने सपाइयों को कचहरी प्रवेश करने नहीं दिया। इसे लेकर पुलिस व सपाइयों के बीच तीखी झड़प भी हुई।
जिले भर में पदयात्रा निकाल रहे सैकड़ों सपाइयों को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि बाद में कुछ लोगों का शांति भंग में चालान हुआ और कुछ लोगों को मुचलके पर छोड़ा गया। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ सपाई लगातार हल्ला बोलते रहे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर देश में हो रहे किसान आंदोलन के समर्थन में सोमवार को सपाइयों ने सभी विधानसभा से किसान पदयात्रा निकालकर कहला पहुंचने की रणनीति तैयार की थी।
जिसके लिए सपा जिला महासचिव अनीस खा ने सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी थी। रात में ही शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सपाइयों की पदयात्रा रोकने की तैयारी करते हुए सभी की घेराबंदी शुरू कर दी।
रात में ही जिला महासचिव अनीस खान को पुलिस हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई। सपा कार्यालय की भी पुलिस ने घेराबंदी की थी ताकि कोई सपा नेता वहां से बाहर न निकल सके। प्रशासन की घेराबंदी को तोड़कर सपा के पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह यादव मुन्ना, वासिक खान, शांति सिंह, अभिषेक त्रिपाठी, इरशाद सिद्दीकी, इरफान खान, गुलफाम, महिमा गुप्ता, हरीश शुक्ला, रमेश यादव, सछास के जिलाध्यक्ष सद्दाम हुसैन, शकील अहमद, राजू यादव, पारसनाथ समेत अन्य सपाइयों ने पदयात्रा निकाली।
जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन सपाई निकल पड़े। केंद्र व प्रदेश सरकार के विरोध में हल्ला बोलते हुए सपा नेता अंबेडकर चौराहे पर पहुंचे। जहां एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता व सीओ सिटी अभय पांडेय ने सभी को रोक लिया। यहां सपाइयों ने मांगों से संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद ट्रैक्टर के साथ सपाई कचहरी की ओर बढ़ गए।
जिसे पुलिस रोकने के लिए दौड़ी। वहां सपाइयों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की के बीच तीखी झड़प हुई। बाद में कई सपा नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस भुपियामऊ चली गई। वहां से सभी को कोतवाली लाई। यहां से बाद में सपा जिला महासचिव अनीस खान समेत 25 सपाइयों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया। रानीगंज में पूर्व मंत्री प्रोफेसर शिवाकांत ओझा , शमीम खां, पप्पू मिश्रा समेत दर्जनों सपाइयों को हिरासत में लिया गया। बाद में सभी को निजी मुचलके पर छोड़ा गया।
ट्रैक्टर से गिरने से बचीं महिमा गुप्ता
किसान पदयात्रा में सपाइयों का ट्रैक्टर का जुलूस भी शामिल था। ट्रैक्टर सपा नेता इरफान चला रहे थे और उनके बगल सपा नेत्री महिमा गुप्ता बैठी थीं। कचहरी जाते समय पूर्व प्रमुख शांति सिंह व महिमा गुप्ता को ट्रैक्टर से नीचे उतारने के लिए महिला पुलिसकर्मियों केे मशक्कत करनी पड़ी। महिला सिपाही की धक्कामुक्की के बीच महिमा गुप्ता ट्रैक्टर से गिरने लगी। जिन्हें नीचे मौजूद सपाइयों ने संभाल लिया। जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।
पुलिस वाहन का खुल गया गेट
किसान पदयात्रा के दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आंबेडकर चौराहे पर सपाई धरने पर बैठ गए। यह देख पुलिस सभी को वज्र वाहन में बैठाने लगी। यह देख सपाई सड़क पर लेट गए। पुलिस सभी को धक्के देकर वज्र्र वाहन में बैठाने लगी। वहां से ले जाते समय वज्र वाहन का गेट खुल गया और कई सपाई पुलिस हिरासत से भाग निकले।
शहर आने वाले रास्तों पर पुलिस ने की घेराबंदी
सपाइयों के किसान पदयात्रा को रोकने के लिए प्रशासन ने शहर आने वाले सभी रास्तों पर सख्त घेराबंदी की थी। सपा का झंडा लगा वाहन देख पुलिसकर्मी अलर्ट हो जाते रहे। इस बीच सपाइयों को वहीं रोक लिया जाता। महुली, गड़वारा, जेल रोड, मोहनगंज, मीराभवन , कटरामेदनीगंज, भुपियामऊ में पुलिस व पीएसी लगाई गई थी।
जेठवारा में सपा नेताओं को पुलिस ने लिया हिरासत में, मारपीट का आरोप
किसान पदयात्रा निकाल रहे सपाइयों को जेठवारा पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी को थाने लाया गया। लोकापुर बाजार से सपा नेता संजय पांडेय सपाइयों के साथ कहला जाने के लिए चंदीपुर पहुंचे। उसी समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहां मौजूद सपा विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट की। इस मौके पर जुनैद, वजहुल कमर, शमीम, साजिद अली, रितिक यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। सपाइयों को पांच घंटे बाद मुचलके पर छोड़ा गया।
रानीगंज में भी सपाइयों ने बोला हल्ला
किसान पदयात्रा की तैयारी में जुटे सपा विधानसभा अध्यक्ष डा. शेर बहादुर यादव को फतनपुर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूर्व मंत्री प्रोफेसर शिवाकांत ओझा भी कहला में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उन्हें एसडीएम रानीगंज राहुल कुमार व सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने रोक लिया। जिसके बाद वह पैदल ही समर्थकों के साथ कहला की ओर बढ़ने लगे। तहसील के सामने पुलिस उन्हें रोककर एसडीएम कार्यालय ले आई। कुछ देर में दूसरे सपा नेताओं को भी हिरासत में लेकर तहसील लाया गया। हालांकि बाद में सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
प्रसपा ने भी सौंपा ज्ञापन
कचहरी में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। जिलाध्यक्ष इबरार जहानियां ने कहा कि जनविरोधी तीनों काले कानूनों को रद्द किया जाए। प्रदर्शन में संतोष कुमार सिंह, शमशाद अहमद, बृजेश प्रताप सिंह, पीसी यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
पट्टी के किसान शहीद स्थल रूर में प्रदर्शन करते सपा के कार्यकर्ता।- फोटो : PRATAPGARH