स्कूल खुलते ही बच्चों के हाथों में पुस्तक पहुंचाने का दावा अभी से फेल दिखने लगा है। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बांटने के लिए जिले में 8.30 लाख पुस्तक आ गई हैं, मगर इन पुस्तकों में कक्षा छह के लिए एक भी किताब नहीं है। कक्षा छह के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। इससे अभी तक छपने का टेंडर ही नहीं हुआ है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में दो जुलाई से स्कूल खुलते ही पुस्तक वितरण का अभियान चलाने की तैयारी है। नवागत बीएसए ने पत्र जारी कर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से सक्रियता दिखाते हुए दस जुलाई तक पुस्तकें वितरित करने को कहा है।
कक्षा एक से पांच और कक्षा सात, आठ की अधिकांश पुस्तकें जिले में आ चुकी हैं। 15 जून के बाद बीआरसी और स्कूलों को वितरित करने की योजना है। लेकिन कक्षा छह के बच्चों के लिए अभी पुस्तकें नहीं आई हैं। जुलाई माह के अंत तक पुस्तक आने की संभावना भी नहीं है। दरअसल, शासन स्तर पर अभी छपने के लिए टेंडर ही नहीं हुआ है। इससे कक्षा छह के बच्चों को अगस्त माह में ही पुस्तकें मिलेंगी।
विभाग का दावा है कि अप्रैल और मई माह में स्कूल चलो अभियान में 41,259 बच्चों का नामांकन कराया गया है। हालांकि अन्य कक्षाओं के लिए 8.30 लाख पुस्तकें आ चुकी हैं। 15 जून के बाद बीआरसी पर पुस्तकों के भेजने का सिलसिला प्रारंभ होगा। जिससे दो जुलाई को स्कूल खुलने के बाद बच्चों के हाथों में पुस्तकें पहुंच जाएं। बीएसए अशोक कुमार ने बताया कि जो पुस्तक पहुंच गई हैं, उन्हें प्राथमिकता पर बांटना है। जो नहीं आई हैं, उसके लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।