गोरखपुर से ईंट भट्ठे में दम घुटने से मृत दोनों मजदूरों का शव शनिवार की आधी रात घर पहुंचा। जिसे देखते ही परिजन बिलख पड़े। परिजनों के करुण क्रंदन से मातम पसरा रहा। तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क रही।
कोतवाली देहात के मादूपुर निवासी मोहनलाल अपने बेटे विकास सरोज व रिश्तेदार विक्रमपुर निवासी मुरली सरोज के साथ गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में स्थित बलवंत सिंह के ईंट भट्ठे पर काम करते थे। जहां काम करने के दौरान दोनों की संदिग्ध दशा में दम घुटने से मौत हो गई।
मोहनलाल के अनुसार विकास व मुरली को ईंट भट्ठा मालिक के भाई ने मजदूरी मांगने पर जान से मारने की धमकी दी थी। उसने जान बूझकर विकास व मुरली को ईंट भट्ठे में काम करने के लिए बिना सुरक्षा उपकरण के भेजा था। उसने कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर भी दी थी।
शनिवार की आधी रात दोनों का शव घर पहुंचा। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो उठा। कोतवाली देहात की पुलिस विक्रमपुर व मांदूपुर में मुस्तैद रही। वहीं रविवार सुबह दोनों का शव गांव में ही दफना दिया गया।
मृतक विकास की शादी दो वर्ष पहले अमेठी की रहने वाली शिवानी से हुई थी। पति का शव देख शिवानी रोते हुए बेसुध हो जाती। वहीं मुरली की पत्नी कुसुम व बेटे नीरज, धीरज व अवनीश भी रोते बिलखते रहे।