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बोर्ड परीक्षा: त्रुटियों को सुधारने का प्रधानाचार्यो पर बढ़ा दबाव

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इस बार अंकपत्र व प्रमाण पत्र में नामों की त्रुटियों को सुधार कराने के लिए परीक्षार्थियों को परेशान नहीं होना होगा। आनलाइन फार्म में परीक्षार्थियों के नामों की त्रुटियों के सुधार को लेकर बोर्ड गंभीर है। नामावली, भरे गए आनलाइन फार्म व आईडी के साथ परीक्षार्थियों का मिलान कराया जाएगा। त्रुटियों के सुधार के लिए डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को पत्र लिखा है। इससे प्रधानाचार्यों पर दबाव बढ़ गया है।
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जिले में 39 राजकीय व 78 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय है। इसके अलावा 600 के पार वित्तविहीन विद्यालय है। हाईस्कूल व इंटर की यूपी बोर्ड परीक्षा मिलाकर कुल डेढ़ लाख से अधिक परीक्षार्थी भाग लेते है। नए शिक्षासत्र की शुरूआत से ही बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र निर्धारण व बोर्ड परीक्षा फार्म भराने को लेकर कालेजों में प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
कालेजों में आन लाइन फार्म भराया जाता है। परीक्षार्थी के नाम, अभिभावक के नाम व पते में किसी भी गलती न हो, इसके लिए प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया जाता है। मगर कालेज प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं दिखता। यही वहज है कि कि जब परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र मिलता है, या फिर परीक्षा के बाद अंक पत्र व प्रमाण पत्र मिलता है, उसमें नाम, पता व अभिभावक के नामों में काफी त्रुटियां मिलती है।
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त्रुटियों के सुधार को लेकर परीक्षार्थियों को कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। मगर इस बार परीक्षार्थियों को इससे राहत मिलेगी। दरअसल बोर्ड त्रुटियों के सुधार को लेकर पहले ही सजग है। नामावली व आनलाइन फार्म के मिलान के बाद मिली त्रुटियों के बाद बोर्ड ने फिर से परीक्षार्थियों के नाम, पते व अभिभावक के नामों का सत्यापन करने का निर्देश दिया है।
ताकि त्रुटियों को सुधार किया जा सके। डीआईओएस डा. एसके सिंह ने सभी प्रधानाचार्यों को त्रुटियों के सुधार को लेकर निर्देशित किया है। 15 नवंबर तक इसे दुरुस्त करने का समय दिया।
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