इलाके में बांस काटने के विवाद को लेकर दो सगे भाइयों का परिवार आपस में भिड़ गया। विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से चले लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी के हमले में महिलाओं समेत दस लोग घायल हो गए। पांच की हालत गंभीर होने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के इमलीडांड निवासी रईस अहमद और माशूक सगे भाई है। एक सप्ताह से दोनों के बीच बांस की कोठ की हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा था। जिसको लेकर दोनों पक्ष जामताली चौकी पहुंचे थे। विवाद की स्थिति देख पुलिस ने दोनों पक्ष को बांस काटने से मना किया था। शुक्रवार को रईस अहमद का पक्ष बांस काटने लगा तो दूसरे पक्ष से बहन जरीना ने विरोध किया। इसको लेकर दोनों पक्ष की महिलाओं के बीच कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष के लोग लाठी, कुल्हाड़ी और ईंट पत्थर से एक दूसरे पर हमलावर हो गए। मारपीट में रईस अहमद व पत्नी शकीरा बानो, बेटा गुलरेज, बेटी अनम सहित बहन जरीना , सहरीन, सबीना बानो, मदीना बानो, राजिया और भांजी गुलनामा लहूलुहान हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मारपीट को शांत कराकर घायलों को ट्रामा सेंटर भेजा। रईस, जरीना, अनम, गुलरेज, मदीना बानो, शहरीन बानो को प्राथमिक उपचार के बार मेडिकल कॉलेजर रेफर कर दिया गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस जांच पड़ताल के बाद मुकदमा लिखने की बात कह रही है।
चौकी के सिपाही पर विवाद भड़काने का आरोप
थाना क्षेत्र के इमली डांड में सगे भाइयों के बीच हुए संघर्ष में जामताली चौकी के एक चर्चित सिपाही की भूमिका पर सवाल उठाया जा रहा है। माशूक का आरोप है कि दोनों पक्षों को बांस काटने के लिए मना किया गया था लेकिन सिपाही की सह पर विपक्षी भाई सुबह बांस कटवाने लगा। इसी बात का विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने हमला बोल दिया।