पट्टी रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा कराने आए दो सगे भाइयों को गोली मारने के मुख्य आरोपी ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल दूसरे साथी को भी पुलिस ने पकड़ लिया। चर्चा है कि आरोपी सुशील सिंह लखनऊ में भाजपा के एक बड़े नेता के होटल में ठहरा था। पट्टी कोतवाली में जुटे समर्थकों को पुलिस ने खदेड़ दिया। सीएचसी में मेडिकल कराने के बाद आरोपियों को जेल भेजा गया।
पट्टी कोतवाली के करीब स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में सोमवार को डेढ़ बिस्वा जमीन का बैनामा कराने को लेकर बवाल हो गया था। दिनदहाड़े दुस्साहस का परिचय देते हुए बाबा बेलखरनाथ धाम के प्रमुख सुशील सिंह ने अपने गुर्गों के साथ मारपीट कर बैनामा कराने आए बृजेश तिवारी के रिश्तेदार सुल्तानपुर निवासी अरुण मिश्रा और आदित्य मिश्रा को गोली मार दी थी।
बैनामा करने वाले औराइन निवासी जगन्नाथ विश्वकर्मा को भी पीटने के बाद कार में जबरन बैठा लिया। पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे के बाद छह नामजद आरोपियों पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। पुलिस घटना में शामिल औराइन निवासी शिवम पांडेय, विपिन पांडेय उर्फ विकास, बिरौती के जयप्रकाश मौर्य उर्फ चंदु, डेई धौरहरा के हरीश जायसवाल, रामकोला के अखिलेश श्रीवास्तव व बीबीपुर के संतोष सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
फरार चल रहे मुख्य इनामी आरोपी ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को शुक्रवार की रात पुलिस ने लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के वेस्टन होटल से गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल आरोपी कंधई के बनी निवासी आकाश शुक्ला को पुलिस ने इलाके के मकरा दशरथपुर से गिरफ्तार किया। आकाश के पास से पुलिस ने एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किया। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि कानून-व्यवस्था में विघ्न डालने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। घटना से जुड़े सभी अपराधियों पर कार्रवाई होगी।
गैंगस्टर के तहत होगी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेंद्र लाल ने बताया कि मुख्य आरोपी सुशील सिंह का आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास व मारपीट संबंधी करीब चार मुकदमे थाने में पंजीकृत हैं। लाइसेंसी पिस्टल के निरस्तीकरण के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। घटना में प्रयुक्त पिस्टल को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। आरोपी की संपत्ति जब्त करने के साथ गैंगस्टर की कार्रवाई भी शुरु की जाएगी।
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी ब्लॉक प्रमुख फोन पर करता रहा बातचीत
इनामी ब्लॉक प्रमुख को पट्टी कोतवाली में लाने की सूचना मिलते ही समर्थक जुटने लगे। पुलिस भी प्रमुख के प्रति नरम रवैया अपनाए रखा। इस दौरान समर्थकों के मोबाइल से अपने करीबियों से बातचीत कोतवाली परिसर में की। आरोपी से मिलने पहुंचे समर्थकों का अभिवादन भी करता रहा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस का खौफ कहीं से भी आरोपी पर नजर नहीं आ रहा था और न ही पुलिस उसके साथ अपराधी जैसा सलूक करती दिखी।
एक आरोपी मौके से भागा
लखनऊ स्थित होटल में पुलिस की दबिश के दौरान पट्टी गोलीकांड की घटना में नामजद 25 हजार का इनामी प्रिंस उर्फ ओम सिंह मौजूद था। मौका पाकर ओम सिंह खिड़की से कूद गया। जिससे वह घायल हो गया लेकिन वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा।