खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने में बेसिक शिक्षा विभाग नाकाम हो गया है। खंड शिक्षा अधिकारी इलाहाबाद और जौनपुर से अप-डाउन कर नौकरी कर रहे हैं। जिसका नतीजा है कि इससे प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के पठन-पाठन में गुणात्मक सुधार नहीं आ पा रहा है। इसके बाद भी आला अफसर खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी पर आंख मूंदे हुए हैं।
बीएसए की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को नियमित रूप से स्कूलों के निरीक्षण का निर्देश दिया गया है। मगर जब खंड शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय पर ही समय से नहीं पहुंचते हैं तो फिर स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश के पालन कैसे हो रहा है, इसे आसानी से समझा जा सकता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो तमाम बीईओ इलाहाबाद और जौनपुर से आते-जाते हैं। वह अपने कार्यालय ही समय से नहीं पहुंच पाते हैं। ऐेसे में शिक्षक भी स्कूल जाने के बजाय बीआरसी पर जमा रहते हैं। क्योंकि उनमें बीईओ के निरीक्षण का डर ही नहीं रह गया है। जाहिर है इसका असर पठन पाठन के माहौल पर पड़ रहा है। बीएसए ने बताया सभी बीईओ को मुख्यालय पर रहने का निर्देश दिया गया है। अगर बीईओ समय से अपने कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।