मंडलायुक्त ने ब्लैक लिस्टेड आठ कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने सिर्फ 359 कॉलेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाने पर सहमति दी है। आठ कॉलेजों के बारे में उन्होंने डीआईओएस को शासन से अनुमोदन लेने को कहा है। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में खूब मनमानी बरती गई है। परीक्षार्थियों की संख्या घटने के बाद भी इस वर्ष परीक्षा केंद्रों की संख्या सबसे अधिक कर दी गई है। मानक की अनदेखी करते हुए काली सूची के आठ कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। मंडलीय समिति की बैठक में इसका खुलासा होने पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। ऐसे कॉलेजों में लालगंज इलाके के चंद्रशेखर इंटर मीडिएट कॉलेज लखनपुरसूर, सर्वोदय इंटर कॉलेज सांगीपुर, सर्वोदय इंटर कॉलेज तोमरनगर रॉकी, सरस्वती इंटर कॉलेज मंगापुर, अखिलेश इंटर कॉलेज नवहादल सांगीपुर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस इंटर कॉलेज मुस्तफाबाद, ठाकुर बलभद्र इंटर कॉलेज राहाटीकर और कुंडा इलाके के इंटरमीडिएट कॉलेज जहानाबाद शामिल हैं।
बीते वर्ष की तुलना में इस परीक्षा परीक्षार्थियों की संख्या कम होने के बाद भी परीक्षा केंद्रों की संख्या अधिक कर दी गई है। बीते वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 1,82,566 परीक्षार्थियों के लिए 338 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया था जबकि इस वर्ष 1,56,472 परीक्षार्थियों के लिए 367 कालेजों को केंद्र बनाया गया है। हालांकि मंडलीय समिति ने अभी तक 359 कालेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाने पर सहमति व्यक्त की है।
परीक्षा केंद्र निर्धारण में अधिकारियों ने वित्तविहीन कॉलेजों पर अधिक कृपा दिखाई है। जिले के 285 वित्तविहीन कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिले के आठ सहायता प्राप्त कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। परीक्षा केंद्र बनाए गए कॉलेजों में 12 राजकीय और 70 सहायता प्राप्त कॉलेज भी शामिल हैं।