पुलिस अधीक्षक के रवैए से नाराज भाजपा कार्यकर्ता बुधवार को अपने नजदीकी थानों में धरना देने के साथ ही गिरफ्तारी देंगे। इसके बाद भी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई न हुई तो वे लोग 12 जनवरी को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का घेराव करेंगे। इसके बाद भी यदि कोई कार्रवाई नहीं होती तो वे बैठक कर रणनीति बनाएंगे और फिर लखनऊ तक संघर्ष करने की रूपरेखा तय होगी।
भाजपा कार्यालय के बाहर जिला विस्तारक आदित्यकांत द्विवेदी को सीओ सिटी और शहर कोतवाल ने पीट दिया था। उन्हे कोतवाली घसीटकर ले जाया गया था। इससे आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ता पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। मंगलवार को भाजपा कार्यालय पर बैठक हुई। जिसमे पूर्व मंत्री बृजेश शर्मा ने पुलिस अधीक्षक के रवैए की निंदा करते हुए गंभीर आंदोलन की चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के चलते भाजपा के कार्यकर्ता हर थानों पर अपमानित किए जा रहे हैं। एक तरफ तो प्रदेश में कानून व्यवस्था में जबरजस्त सुधार हुआ है। अन्य जिलों के अपराधी या तो जेल में हैं जिला छोड़कर भाग गए। इसके विपरीत प्रतापगढ़ में काम हो रहा है। भाजपा कार्यालय में जबरन घुसकर और कार्यकर्ताओं की पिटाई करने के साथ ही कोतवाली तक घसीटकर ले जाना जघन्य अपराध है। चौकी इंचार्ज को निलंबित कर लीपापोती की जा रही है। जब तक पुलिस अधीक्षक, सीओ सिटी और शहर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती , तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। बैठक में तय हुआ कि पुलिस अधीक्षक सरकार की छवि को खराब कर रहे हैं। अपराधों पर अंकुश लगा पाने में नाकाम हैं। ऐसे में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी अपने क्षेत्र के थानों में पहुंचकर गिरफ्तारी व धरना दें। यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती तो भाजपा के कार्यकर्ता 12 जनवरी को कचहरी में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी का घेराव करेंगे। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष जवाहरलाल श्रीवास्तव, गण्ेाश नारायण मिश्र, देवानंद त्रिपाठी, महामंत्री अजय प्रताप सिंह, राजेश पटेल, चंद्रप्रकाश पाल, धर्मेंद्र मिश्र, राजकुमार पाल, नगर अध्यक्ष संजय सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष वरुण प्रताप सिंह, सुनील सरोज, सौरभ जायसवाल, पंकज सिंह, अंशुमान सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।