सदर सीट पर होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं पर पार्टी की स्पेशल टीम की नजर रहेगी। टीम पार्टी हित में या फिर पार्टी विरोधी दोनों कार्यशैली की रिपोर्ट तैयार करेगी। वह पार्टी विरोधी गतिविधियों पर भी नजर रखेगी। ऐेसे कार्यकर्ता जो पार्टी विरोधी गतिविधि मेें लिप्त पाए जाएंगे, टीम उनकी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान तक पहुंचाएगी। इसके लिए मंडलवार खुफिया टीम तैनाती रहेंगी।
सदर सीट पर उपचुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा चुनाव में एक बार फिर जीत का परचम लहराने की कवायद में जुटी हुई है। जन संपर्क के साथ ही घर-घर पार्टी नीतियों को पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। बूथ स्तर, मंडल स्तर व सेक्टर तक के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी तरह की कोई चूक न हो। मगर इन सब के बीच पार्टी में कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की कार्यशैली पर भी नजर है।
चुनाव के ऐन वक्त पर कोई पार्टी विरोधी गतिविधि में तो लिप्त नहीं है, इस पर भी खास नजर है। चुनाव के मद्देनजर पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं की कार्यशैली व उनकी गतिविधि पर नजर रखने के लिए खुफिया टीम लगी हुई है। सूत्रों की मानें तो नगर मंडल, संडवाचंद्रिका, मगरौरा व सदर मंडल तक खुफिया तंत्र की खास तैनाती रहेगी।
इतना ही बूथ स्तर पर भी टीमें नजर दौड़ाएंगी। खास बात यह है कि इस टीम के बारे मेें किसी भी कार्यकर्ता व पदाधिकारी को जानकारी नहीं रहेगी। पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त कार्यकर्ताओं की कुंडली तैयार होगी। इतना ही नहीं पार्टी के रणनीतिकारों को पूरे चुनाव में उनसे सचेत रखा जाएगा, ताकि किसी तरह की कोई दिक्कत न हो सके।
भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा ने बताया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की भूमिका अहम होती है। खासतौर पर चुनाव में और भी। सक्रिय कार्यकर्ताओं के कार्यों का मूल्यांकन होता है और उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ाई जाती है। रही बात चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों की तो उन पर भी नजर रखी जाएगी।