चिलबिला क्रासिंग, गायघाट रोड और शहर में लगने वाले जाम से निजात मिलने वाली है। सोनावां से कटरामेदनीगंज बाईपास के निर्माण लिए हरी झंडी मिल गई है। शनिवार को 17 गांवों के 1365 किसानों की जमीनों का गजट जारी किया गया। जिला प्रशासन ने किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा देने का फैसला लिया है।
जिले को20 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद बाईपास की सौगात मिलने जा रही है। चिलबिला से भुपियामऊ के बीच बाईपास बनवाने के लिए आज से करीब दस वर्ष पूर्व सर्वे भी हुआ था, मगर शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण आगे कदम नहीं बढ़ा।
चिलबिला की क्रासिंग पर लगने वाले जाम से छुटकारा और शहरियों को राहत देने के लिए स्वयंसेवी संगठनों और राजनैतिक संगठनों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया, मगर सफलता नहीं मिली। चार लेन के बनने वाले बाईपास में 17 गांव के 1365 किसानों की जमीन अधिगृहीत की जाएगी। जिन किसानों को जमीन अधिगृहीत की जा रही है, उन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर किसानों से 21 दिन के अंदर सीआरओ के पास आपत्ति दाखिल करने को कहा है। मुख्य राजस्व अधिकारी रामसिंह वर्मा ने बताया कि जिन किसानों की जमीन बाईपास में आ रही हैं, उनका गांव और गाटा संख्या का उल्लेख किया गया है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह लिखित शिकायत कर सकता है।