राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों के सामने नगर पालिका परिषद बेल्हा, नगर पंचायत कुंडा, सिटी समेत आठ नगर पंचायतों के अध्यक्ष तथा सभासदों के आरक्षण का मुद्दा उठाया गया।
नेताओं ने आरक्षण को लेकर आपत्ति दाखिल की। सभी को सुनने के बाद अध्यक्ष ने एक माह के भीतर समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिलाया।
निकायवार एवं आनुपातिक आरक्षण के लिए बुधवार को राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने सदस्यों महेंद्र कुमार , संतोष कुमार विश्वकर्मा के साथ विकास भवन सभागार में बैठक करके आरोपों को सुना। साथ ही लिखित रूप में समस्याएं प्राप्त कीं।
नगर पालिका समेत आठ नगर पंचायत अध्यक्ष तथा सभासद पद के आरक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं संग उम्मीदवारों ने आपत्ति जताई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद मौर्य ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के सृजन के साथ ही अब तक अध्यक्ष पद सामान्य और सामान्य महिला के लिए ही आरक्षित रहा है।
अध्यक्ष पद पिछड़ी और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं किया गया है। उन्होंने पिछड़ीजाति के लिए पद आरक्षित करने की मांग की। पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह ने परिसीमन के बाद आरक्षण को लेकर बात रखी।
नगर पालिका के पल्टनबाजार, अजीत नगर और टाउन एरिया अंतू के नेवढि़या वार्ड में पिछड़े वर्ग के लिए सभासद का पद आरक्षित नहीं होने पर लोगों ने आपत्ति दाखिल की है। वहीं कटरामेदनीगंज के सिराजुलहक ने अध्यक्ष पद को पिछड़ी जाति पुरुष के लिए आरक्षित करने की मांग की है।
कुंडा चेयरमैन पद पर भी पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित करने की मांग उठी। इसके अलावा सिटी, रानीगंज व लालगंज नगर पंचायत अध्यक्ष को लेकर आपत्ति दाखिल की।
पिछड़ावर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने माह भीतर आपत्तियों के निस्तारण का आश्वासन दिया है। बैठक में डीएम डॉ.नितिन बंसल, सीडीओ ईशा प्रिया, डीपीआरओ रविशंकर व्दिवेदी मौजूद थे।