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सिविल सेवा परीक्षा में बेल्हा के दो लालों ने फहराया झंडा

Sun, 29 Apr 2018 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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संघ लोकसेवा आयोग 2017 की परीक्षा में जिले की प्रतिभाओं ने अपना डंका बजाया है। सांगीपुर इलाके के पूरबदेऊम गांव निवासी आशुतोष शुक्ला को आईएएस की परीक्षा में 548वीं रैंक मिली है। आशुतोष के पिता अशोक कुमार शुक्ला आरपीएफ में एडीशनल कमिश्नर हैं। इसी तरह लालगंज के बहुचरा निवासी श्रुत कीर्ति सोमवंशी को 157वीं रैंक मिली है। श्रुतकीर्ति सोमवंशी के  पिता तहसीलदार सिंह वर्ष 2016 में डीआईजी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं ।
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सिविल सेवा परीक्षा 2017 के  परिणाम में बेल्हा के दो लालों ने ने कमाल कर दिखाया है। सांगीपुर इलाके के पूरबदेऊम गांव निवासी अशोक शुक्ला के पुत्र आशुतोष शुक्ला को आईएएस में 548वीं रैंक मिली है। अशोक शुक्ला वर्तमान में आगरा जनपद में आरपीएफ के एडिशनल कमिश्नर हैं। दो भाइयों में सबसे बड़े आशुतोष शुक्ला ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। आशुतोष इलाहाबाद और आगरा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे।

इधर, लालगंज इलाके के बहुचरा गांव निवासी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को 157वीं रैंक मिली है। श्रुत कीर्ति सोमवंशी के पिता वर्ष 2016 में डीआईजी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। श्रुतकीर्ति ने अपने पिता से प्रेरणा लेकर पुलिस अधिकारी बनने का संकल्प लिया था। वह अपनी सफलता का श्रेय पिता को देते हैं। श्रुतकीर्ति सोमवंशी के बड़े भाई स्वरोचिष सोमवंशी मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस हैं और वर्तमान में सीडीओ के पद पर कार्यरत हैं। जबकि बड़ी बहन समवर्तिका सोमवंशी लखनऊ में डॉक्टर हैं।  
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फिल्में देखी, गेम खेला और पढ़ता रहा : श्रुतकीर्ति
संघ लोक सेवा आयोग की 2017 की परीक्षा में 157वीं  रैंक पाने वाले श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने ‘अमर उजाला’ से अपनी तैयारियों, पढ़ाई और सफलता को लेकर विस्तार से बातचीत की। उनसे बातीचत के प्रमुख अंश...  
प्रश्न : किस प्रयास में आपको सफलता मिली है?
उत्तर: पांचवें प्रयास में सफलता मिली है।  
प्रश्न: शिक्षा कहां से पूरी की?
उत्तर : हाईस्कूल और इंटरमीडिएट रायबरेली से किया। फिर लखनऊ से बीटेक किया था।  
प्रश्न : आईएएस की परीक्षा में सफलता के लिए नियमित कितने घंटे पढ़ाई करनी चाहिए?
उत्तर: सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए प्रतिदिन आठ से दस घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करनी चाहिए।  
प्रश्न: पढ़ाई के अलावा और किन चीजों में रुचि है?
उत्तर : हिंदी फिल्मी देखना, क्रिकेट खेलना और कंप्यूटर पर गेम खेलना।  
प्रश्न: आपके गांव से बड़ी संख्या में लोग आईएएस और पीसीएस हैं। कैसे मिलती है सफलता?
उत्तर: उन सभी युवाओं का चयन होता है, जो मेहनत से पढ़ाई करते हैं। पढ़ाई कलेक्शन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान के लिए करनी चाहिए। बहुचरा से काफी संख्या में आईएएस और पीसीएस निकलने के पीछे परवरिश भी एक अहम कारण है। बच्चे शुरू से सिविल सर्विसेज में जाने की तैयारी करते हैं।  
प्रश्न: जिले के  युवाओं को क्या प्रेरणा देना चाहेंगे।  
उत्तर: सिविल सर्विसेज में सफलता के लिए प्रतिदिन आठ से दस घंटे पढ़ाई करनी चाहिए। न्यूज पेपर पढनेा चाहिए और परीक्षा पास करने वालों से प्रेरणा लेनी चाहिए।   
सिविल सेवा परीक्षा 2017 के परिणाम में 548वीं रैंक पाने वाले आशुतोष शुक्ला से हुई बातचीत के प्रमुख अंश...।  
प्रश्न-- आईएएस की परीक्षा पास करने के लिए आपका कौन सा प्रयास रहा?  
उत्तर -- यह हमारा तीसरा प्रयास था।  
प्रश्न-- आपके परिवार में पहले कोई सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफल हुआ है?  
उत्तर : नहीं, आईएएस की परीक्षा में तो सफल नहीं हुए, मगर पापा हमारे आरपीएफ एडिशनल कमिश्नर हैं।  
प्रश्न-- आपको आईएएस बनने की प्रेरणा कहां से मिली?  
उत्तर -- पढ़ाई के दौरान ही मैंने संकल्प लिया था कि मुझे आईएएस की परीक्षा पास करनी है।  
प्रश्न-- कितने भाई-बहन हैं।
उत्तर -- एक छोटा भाई है, अभी तैयारी कर रहा है, बहन नहीं हैं।  
प्रश्न-- ईएएस की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे।  
उत्तर --आईएएस और आईपीएस की तैयारी करने वाले युवाओं को प्रतिदिन छह से आठ घंटे पढ़ाई करनी चाहिए। रोजगार समाचार पत्र नियमित पढ़ें।  
प्रश्न-- किसे श्रेय देना चाहेंगे?
उत्तर --यह अलग बात है कि परीक्षा की तैयारी के चलते लगभग छह साल से गांव नहीं गया हूं, मगर मुझे गांव की बराबर याद आती है। गांव में सेवानिवृत्त प्रिंसिपल रामसेवक शुक्ला जो हमारे परिवार के  हैं, वह मुझे आईएएस की परीक्षा पास करने के लिए प्राय: प्रेरित करते थे।  
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प्रश्न-- आपके शौक क्या हैं ?
उत्तर -- दौडना और कंप्यूटर पर काम करना अच्छा लगता है।
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