करारी स्थित रिजवी इंजीनियरिंग कालेज में नारी सुरक्षा सप्ताह अन्तर्गत गुरुवार को नारी सशक्तीकरण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक पीके गुप्ता ने छात्राओं को सशक्त और सेल्फ डिपेंड बनने की सलाह दी। इस मौके पर छात्राओं ने एसपी से सशक्तीकरण व सुरक्षा को लेकर सवाल भी किए।
पुलिस कप्तान ने कहा कि बेटा और बेटी में कोई भेदभाव नहीं है। पहले लड़कियों को पढ़ाने में परिजन गुरेज करते थे। अब समय बदल गया है। लड़कियां लड़कों से किसी भी मायने में पीछे नहीं हैं। सुरक्षा की बाबत उन्होंने कहा कि छात्राओं के साथ कॉलेज अथवा कहीं भी आते-जाते समय होने वाली छेड़खानी की घटनाओं के बारे में परिजनों के साथ ही पुलिस को दें। ऐसा न करने से मनचलों का मनोबल बढ़ता है। राह चलते समय यदि किसी भी छात्रा या महिला को कोई दबोचने की कोशिश करता है तो प्रथम अस्त्र के रूप में तेज आवाज में शोर मचाएं।
इसके बाद भी सफलता न मिले तो वे बचाव में कोई भी कदम उठा सकती हैं। उनके द्वारा उठाया गया कदम जुर्म की श्रेणी में नहीं आएगा। स्कूल जाने वाली छात्राएं अपने बचाव के लिए स्प्रे रखें। उसके छिड़कने से सामने वाले की आंख कुछ देर के लिए बंद हो जाएगी। छात्रा को बचाव करने में बल मिलेगा। कार्यशाला के दौरान कॉलेज के प्रबंधक राशिद रिजवी ने भी नारी सशक्तीकरण पर अपने व्याख्यान दिए। इस मौके पर कालेज की छात्रा सानिया सिद्दीकी, अंकिता केसरवानी, निधि केसरवानी, प्रीती चौरसिया ने नारी सशक्तीकरण पर पुलिस अधीक्षक से सवाल भी पूछे। संचालन एससी द्विवेदी ने किया। इस मौके पर सीओ सदर मोइन अहमद, शिल्पा श्रीवास्तव सहित कालेज की सभी छात्राएं मौजूद रहीं।