प्रतापगढ़। संपत्तियों की अब फर्जी रजिस्ट्री नहीं होगी। मंगलवार से प्रारंभ ऑनलाइन रजिस्ट्री से इस पर रोक लगेगी। अब रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति को अपना मूल आधार भी बताना होगा कि जमीन उनके नाम कैसे आई है। अगर साक्ष्य देने में सफल नहीं हुआ, तो रजिस्ट्री नहीं होगी। एआईजी स्टांप अविनाश पांडेय का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री करना बेहद आसान हो गया है। अभी शुरुआत है। इसलिए लोगों को जानकारी के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को जिलेभर में 29 रजिस्ट्री हुई।
सूबे में मंगलवार से ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रारंभ गई। बुधवार को संपत्तियों की ऑनलाइन रजिस्ट्री को लेकर तहसीलों में स्थित रजिस्ट्रार कार्यालयों में ऊहापोह की स्थिति रही। हालांकि दोपहर बाद रजिस्ट्री कार्य प्रारंभ हुआ। बताया जाता है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री में दस्तावेज लेखकों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। ऑनलाइन रजिस्ट्री का एक प्रारूप साइट पर अपलोड किया गया है। जब कोई व्यक्ति उसे खोलेगा, तो उस पर वह प्रारूप उसे देखने को मिलेगा, रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति को शब्दावली में कोई परिवर्तन नहीं करना होगा, बल्कि संपत्तियों की अलग-अलग शब्दावली वाला प्रारूप डाउनलोड करते ही सिर्फ खाता नंबर और चौहद्दी ही लिखनी होगी। हां इतना जरूर है कि जो व्यक्ति रजिस्ट्री कर रहा है, उसे अपना मूल आधार भी बताना होगा कि यह जमीन उनके नाम कैसे आई है। अगर व्यक्ति साक्ष्य देने में सफल नहीं हुआ, तो उसकी रजिस्ट्री रिजेक्ट हो जाएगी। सदर रजिस्ट्रार यादवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा था, मगर बुधवार सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुआ।
ऑनलाइन रजिस्ट्री करने के बाद भी क्रेता और विक्रेता को निकट के रजिस्ट्री कार्यालयों में जाना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्री से सिर्फ इतना फायदा होगा कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में समय कम लगेगा। शुल्क की अदायगी करते ही रजिस्ट्री की कार्यवाही पूरी हो जाएगी। ऑनलाइन रजिस्ट्री करने वालों को किसी से कुछ भी पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं है। आईजीआरएस के पोर्टल को क्लिक करते ही सभी जानकारियां प्राप्त हो जाएंगी। ऑनलाइन रजिस्ट्री होने से सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का कार्य अपेक्षाकृत कम होने के साथ ही एक दिन में अधिक रजिस्ट्री होने की संभावना है। ऑनलाइन रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति के दस्तावेजों को कर्मचारी पहले ही निरीक्षण कर लेंगे। इससे कार्यालय पहुंचने पर अधिक वक्त नहीं लगेगा। अभी तक समय अभाव के कारण फाइल जमाकर दूसरे दिन बुलाया जाता था।