जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के शिक्षक एमडीएम में खेल नहीं कर पाएंगे। अब हेडमास्टरों को हर महीने की पांच तारीख को एमडीएम रजिस्टर की प्रमाणित छायाप्रति जमा करना होगा। इससे अब उन्हीं स्कूलों को राशन और कनवर्जनकास्ट मिलेगी, जहां आवश्यकता होगी। जिस स्कूल में पहले से धनराशि और राशन डंप होगा, उन स्कूलों को नहीं भेजा जाएगा।
एमडीएम में मलाई काट रहे प्रभारी और हेडमास्टरों पर अब योगी सरकार की नजर टेढ़ी हुई है। एमडीएम में घपलेबाजी रोकने के लिए विभाग ने निरीक्षण में बच्चों की संख्या गिनने और रजिस्टर में दर्ज संख्या का मिलान करने को कहा है। अभी तक विभागीय अधिकारी एमडीएम रजिस्टर का परीक्षण नहीं करते थे, मगर शुक्रवार को बीएसए ने आदेश जारी करके सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक माह की पांच तारीख को स्कूलों से प्रमाणित छायाप्रति एकत्रित करके विभाग में अवश्य जमा करें। इस सूचना से विभागीय अधिकारी यह देखेंगे कि स्कूल में राशन और धनराशि कितनी अवशेष है। अगर एक माह के लिए पर्याप्त धनराशि होगी, तो अगली किस्त का भुगतान नहीं किया जाएगा। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट नहीं देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।